नई दिल्ली
चुनाव आयोग ने शुक्रवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के वोटिंग प्रतिशत के आंकड़े साझा ना करने के आरोपों पर जवाब दिया है। चुनाव आयोग ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का मतदान प्रतिशत आंकड़े पर विपक्षी नेताओं को लिखा गया पत्र पूर्वाग्रहपूर्ण विमर्श को आगे बढ़ाने का प्रयास है। आयोग ने कहा कि कांग्रेस के अतीत, वर्तमान के गैर-जिम्मेदाराना बयान परेशान करने वाले हैं। आयोग ने ने कुप्रबंधन, मतदान प्रतिशत का आंकड़ा जारी करने में देरी संबंधी खरगे के आरोपों को खारिज किया; आरोपों को निराधार और बिना तथ्य वाला बताया।
चुनाव आयोग ने अपने 17 पेज के जवाब में 2019 के लोकसभा चुनावों के आंकड़ों को साझा किया है। चुनाव आयोग ने बताया कि 2019 में पहले चरण में 11 अप्रैल को मतदान हुआ था। पहले चरण के चुनाव के 7 दिन बाद यानी 18 अप्रैल को वोटिंग टर्नआउट 69.4 प्रतिशत था। इसके बाद 6 मई को फिर आंकड़ों को संशोधित किया गया। संशोधित आंकड़ों के बाद 6 मई 2019 को मत प्रतिशत 69.5 प्रतिशत हो गया। 19 मई 2019 को पहले चरण का संशोधित वोटिंग टर्नआउट 69.61 प्रतिशत था।
इसके बाद दूसरे चरण में 18 अप्रैल को वोटिंग के पांच दिन बाद मत प्रतिशत संशोधित किया गया। 23 अप्रैल 2019 को दूसरे चरण का मतदान प्रतिशत 69.43 प्रतिशत था। तीसरे चरण का मतदान प्रतिशत 6 दिन बाद संशोधित किया गया। चौथे चरण का 7 दिन बाद, पांचवें चरण का 6 दिन बाद, छठवें चरण का 6 दिन बाद मत प्रतिशत संशोधित कर आंकड़े सार्वजनिक किए गए थे।

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