मनेंद्रगढ़
जिला मुख्यालय से लगभग 110 किलोमीटर दूर जनकपुर क्षेत्र में शिक्षा जगत को शर्मसार करने का मामला सामने आया है. यहां एक प्रिंसिपल के साथ दो शिक्षकों ने मिलकर एक नाबालिग छात्रा को अपनी हवस का शिकार बनाया. वन विभाग का एक कर्मचारी भी इस मामले में शामिल रहा. प्रार्थी की शिकायत पर पुलिस ने तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है.
जानकारी के मुताबिक एक शासकीय स्कूल में 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा को प्रिंसिपल अशोक कुमार, शिक्षक कुशल सिंह परिहार, रावेन्द्र कुशवाहा एक वन कर्मी के साथ मिलकर किराए के मकान में ले गए. इसके बाद सभी ने बारी-बारी से नाबालिग को अपनी हवस का शिकार बनाया. जब पीड़िता ने इस बात की जानकारी लोगों को देने की बात कही तो आरोपियों ने उसका वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी दी. साथ ही यह भी कहा कि अगर इस बात की जानकारी किसी को दोगी तो जान से मार देंगे.
डरी सहमी बालिका कुछ दिनों तक चुप रही, लेकिन उसके बाद उसने घटना की जानकारी पहले अपने परिजनों को दी. इसके बाद परिजन नाबालिग को लेकर जनकपुर थाना पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी पुलिस अधिकारियों को दी. पुलिस ने मामले की गंभीरता समझते हुए उच्च अधिकारियों को घटना की पूरी जानकारी दी. तीनों आरोपी शिक्षकों को तत्काल हिरासत में लिया गया. आरोपियों से पूछताछ की जा रही है.

More Stories
ग्रीन एनेस्थीसिया: सिम्स में इलाज के साथ पर्यावरण संरक्षण की नई पहल
उपमुख्यमंत्री ने अंतर्राज्यीय भ्रमण के लिए दीदियों की बस को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
स्वदेशी अपनाने से मजबूत होगी देश की अर्थव्यवस्था– उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा