जयपुर,
केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भविष्य है लेकिन हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि यह संस्कृतियों, विविध परंपराओं या रचनात्मक समुदायों को खतरे में न डाले।
यूएई के अबू धाबी में चल रहे कल्चर समिट—2025 मोंडिएकल्ट में मंत्री स्तरीय संवाद में 'संस्कृति और मानव रचनात्मकता पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रभाव’ शीर्षक वाले सत्र में श्री शेखावत ने बताया कि भारत पारदर्शी, समावेशी, नैतिक, जिम्मेदार और हमारी समृद्ध सभ्यतागत विरासत में निहित एआई के निर्माण में वैश्विक नेता के रूप में उभर रहा है।
श्री शेखावत ने संयुक्त अरब अमीरात के संस्कृति मंत्री श्री शेख सलेम बिन खालिद अल कासिमी, स्पेन के संस्कृति मंत्री श्री अर्नेस्ट उर्टसुन और यूनेस्को में संस्कृति के सहायक महानिदेशक श्री अर्नेस्टो रेनाटो ओटोन रामिरेज के साथ चर्चा भी की।
कला संग्रहालय लौवर का दौरा—
श्री शेखावत ने कला संग्रहालय लौवर, अबू धाबी का दौरा किया। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय कला, वास्तुकला और कहानी कहने का एक अद्भुत संगम है, जो संस्कृतियों को जोड़ता है। श्री शेखावत ने कहा कि यह अद्भुत संग्रहालय मानव रचनात्मकता के माध्यम से एक अनूठी यात्रा प्रदान करता है। यह साझा करना भी अद्भुत है कि लौवर को जिन्होंने बनाया है, वो दिल्ली में भारत के युगे युगीन संग्रहालय को भी डिजाइन कर रहे हैं, जो दुनिया के सबसे बड़े सांस्कृतिक स्थलों में से एक होगा।

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