छिंदवाड़ा
जिले में जहरीले कफ सिरप से बच्चों की मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है। बुधवार सुबह चौरई क्षेत्र की एक और मासूम, 3 साल 6 माह की अम्बिका विश्वकर्मा की नागपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई। इस मौत के साथ ही मध्य प्रदेश में सिरप कांड से मरने वाले बच्चों का आंकड़ा अब 24 पर पहुंच गया है। वर्तमान में दो और बच्चे नागपुर के अस्पतालों में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, चौरई तहसील के ग्राम ककई बिल्वा निवासी अम्बिका विश्वकर्मा की तबीयत सितंबर की शुरुआत में बिगड़ी थी। स्थानीय स्तर पर इलाज से जब कोई सुधार नहीं हुआ तो परिजन उसे 14 सितंबर को नागपुर ले गए थे। वहां डॉक्टरों ने जांच में किडनी फेल होने की पुष्टि की थी। करीब एक महीने तक चले इलाज के बाद बुधवार सुबह अम्बिका ने दम तोड़ दिया। अम्बिका की मौत के साथ ही प्रदेश में इस जहरीले सिरप से मरने वाले बच्चों की कुल संख्या 24 हो गई है। इससे पहले परासिया के मोरडोंगरी निवासी एक वर्षीय गर्विक पवार ने भी नागपुर के मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। लगातार हो रही मौतों से जिले में हड़कंप मचा हुआ है।

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