Exposetodaynews:
लखनऊ
जनगणना-2027 के दौरान आपके घर गणनाकर्मी (प्रगणक) नहीं पहुंचे या जनगणना से जुड़ी कोई जानकारी चाहिए तो हेल्पलाइन नंबर 1855 पर फोन कर सकते हैं। जनगणना निदेशालय ने शिकायतों के निस्तारण की व्यवस्था की है। शिकायत मिलने पर उसे संबंधित अधिकारी के पास भेजा जाएगा। शिकायतों के निस्तारण की साप्ताहिक समीक्षा अपर जिलाधिकारी करेंगे।
प्रदेश में जनगणना के दूसरे चरण में 16 से 30 नवंबर तक लोग स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। फिर एक दिसंबर से प्रगणक घर-घर पहुंचकर लोगों से जानकारी जुटाएंगे। इस बार जनगणना में केवल परिवार के सदस्यों और उनके निवास का ब्योरा ही नहीं लिया जाएगा, बल्कि जाति, डिजिटल साक्षरता, रोजगार और कामकाज के लिए लोगों की आवाजाही से जुड़ी जानकारी भी दर्ज की जाएगी।
लोगों से पूछे जाएंगे 40 सवाल
कुल 40 सवालों के जवाब के जरिये लोगों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति का ब्योरा जुटाया जाएगा। जनगणना में परिवार के मुखिया का नाम, उनसे प्रत्येक सदस्य का संबंध, लिंग और आयु के साथ ही वैवाहिक स्थिति की जानकारी भी दर्ज होगी।
परिवार के सदस्यों के विवरण में पिता के साथ माता की जानकारी भी दर्ज होगी। इस बार जाति से संबंधित जानकारी भी जुटाई जाएगी। इसके अलावा लोगों की शैक्षिक स्थिति जानने के लिए साक्षरता के साथ डिजिटल साक्षरता के बारे में भी पूछा जाएगा। रोजगार और आवागमन से जुड़े सवाल भी शामिल किए गए हैं।
कार्यस्थल के बारे में भी ली जाएगी जानकारी
जनगणना के दौरान यह भी पूछा जाएगा कि कहां काम करते हैं, कार्यस्थल कितनी दूर है और वहां पहुंचने के लिए किस साधन का इस्तेमाल करते हैं। स्थायी निवास का पता भी दर्ज होगा। यदि किसी ने अपना निवास स्थान बदला है तो उससे इसका कारण पूछा जाएगा। इसके लिए रोजगार, व्यापार, शिक्षा, विवाह, जन्म के बाद, परिवार के साथ जाने, प्राकृतिक आपदा या अन्य कारण बताने का विकल्प होगा।
जनगणना के दौरान लोगों से कोविड-19 के टीकाकरण और टीका लगवाने के स्थान के बारे में भी जानकारी ली जाएगी। इस तरह परिवार, शिक्षा, भाषा, जाति, रोजगार, निवास में बदलाव और आवागमन से जुड़े विभिन्न पहलुओं का ब्योरा एकत्र किया जाएगा।

More Stories
योगी सरकार में समावेशी शिक्षा को नई दिशा, प्रशस्त 2.0 से जुड़े 9.20 लाख शिक्षक
सपा सरकार में 6 साल के रोस्टर पर निर्भर थी खतौनी, योगी सरकार में 99.86 प्रतिशत रियल टाइम व्यवस्था पूरी
प्राकृतिक खेती से बदलेगी गांवों की अर्थव्यवस्था, यूपी में बनेंगे प्राकृतिक खेती के जिले