भोपाल
बड़ा तालाब के किनारे अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू हो गई है। भदाभदा इलाके से कार्रवाई की शुरुआत हुई है। तालाब किनारे अवैध रूप से बने नौ दुकानों को सोमवार को जमींदोज कर दिया गया है। वहीं, 347 लिस्टेड जगह हैं, जिन पर कार्रवाई होनी है। इसे लेकर भोपाल प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है।
21 अप्रैल तक चलेगा अतिक्रमण अभियान
दरअसल, भोपाल की लाइफलाइन कही जाने वाली बड़ी झील जो न सिर्फ शहर की पहचान है बल्कि भोपाल की जनता की प्यास भी बुझाती है। इसी बड़ा तालाब के किनारे बने अतिक्रमणों पर आज से बुलडोजर चलना शुरू हो गया है जो 21 अप्रैल तक चलेगा। जिला प्रशासन ने 347 अतिक्रमण चिह्नित किए हैं, जो तालाब के फुल टैंक लेवल (FTL) के 50 मीटर दायरे में आते हैं, जिन पर अवैध निर्माण किया गया है।
भदभदा इलाके में चला बुलडोजर
पहले दिन भदभदा इलाके में बुलडोजर एक्शन देखने को मिला है। नौ दुकानों पर प्रशासन का बुलडोजर चला, कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा है। हालांकि स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने विरोध जताया, लेकिन बुलडोजर चलता रहा।
बड़े तालाब के किनारे है अतिक्रमण
भोपाल की शान है बड़ा तालाब
नोटिस के बाद गुरुवार से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू
347 अतिक्रमणकारियों को लिस्टेड किया गया
नोटिस देने के बाद हो रही है कार्रवाई
15 दिनों में हटाया जाएगा अतिक्रमण
वहीं, तालाब किनारे जितने भी अतिक्रमण हैं वो 15 दिनों के अंदर हटाए जाएंगे। 16 मार्च 2022 के बाद बने सभी निर्माण हटाए जाएंगे। एनजीटी के निर्देश के बाद जिला प्रशासन अतिक्रमण को चिह्नित कर रहा है। सभी लोगों को चिह्नित कर नोटिस दिया गया था। इसके साथ ही उनसे कहा गया था कि आप खुद से हटा लें, नहीं तो प्रशासन हटाएगी।
गौरतब है कि आज से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू हो गई है। कुछ जगहों पर लोग खुद हटा रहे हैं। हर इलाके से अतिक्रमण हटाने के लिए अलग-अलग तारीख तय की गई है।
प्रेमपुरा में हटाई गई दुकानों और मकानों की जमीन की कीमत कलेक्टर गाइडलाइन के मुताबिक 2788 रुपए प्रति वर्ग फीट के हिसाब से 3 करोड़ रुपए से ज्यादा आंकी गई है। 72 घंटे में दुकानों को खाली कराया गया था, इसके बाद सोमवार सुबह एसडीएम अर्चना शर्मा और तहसीलदार कुणाल राऊत टीम के साथ कार्रवाई शुरू की।
टीटी नगर सर्कल में एफटीएल क्षेत्र में 116 अतिक्रमण चिह्नित किए गए हैं। इनमें 68 सरकारी और 48 निजी जमीन पर बने हैं। निजी जमीन पर बने 92 निर्माण-होटल, रिसोर्ट, फार्महाउस, मकान और दुकान की अलग से जांच चल रही है। नगर निगम ने इन्हें नोटिस देकर दस्तावेज मांगे हैं।
पहले नोटिस, फिर कार्रवाई… अतिक्रमण चिह्नित करने के बाद संबंधित को नोटिस देकर दस्तावेज मांगे गए और सुनवाई की गई। जिन मामलों में अतिक्रमण पाया गया, वहां कार्रवाई की गई।
बुजुर्ग दंपति को राहत… भदभदा चौराहे पर कार्रवाई के दौरान टीम एक कमरे तक पहुंची, जहां चलने-फिरने में असमर्थ बुजुर्ग दंपति रह रहे थे। उन्हें देख एसडीएम टीटी नगर अर्चना शर्मा ने कमरा नहीं तोड़ने के निर्देश दिए और अधिकारियों को देखभाल के लिए कहा।
एफटीएल के 50 मीटर दायरे में सख्ती
बड़े तालाब के फुल टैंक लेवल (FTL) से 50 मीटर तक के दायरे में आने वाले सभी अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इस सीमा के भीतर किसी भी तरह का अतिक्रमण नहीं बचेगा। 16 मार्च 2022 को भोज वेटलैंड रूल्स लागू होने के बाद बने सभी निर्माण हटाए जाएंगे। इसी आधार पर पूरी कार्रवाई की जा रही है।
इन गांवों में सबसे ज्यादा कब्जे
टीटी नगर एसडीएम सर्कल के गौरा गांव और बिसनखेड़ी में सबसे ज्यादा अतिक्रमण सामने आए हैं। इसके अलावा बैरागढ़ और बहेटा इलाके में भी बड़ी संख्या में निर्माण किए गए हैं। 25 फरवरी से शुरू हुआ अभियान 28 फरवरी के बाद धीमा पड़ गया था, लेकिन अब प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए रोजाना कार्रवाई का शेड्यूल तय कर दिया है।
किस दिन कहां चलेगा बुलडोजर
10 अप्रैल: हलालपुरा
11 अप्रैल: बैरागढ़ (काशियाना बंगले के पीछे)
12-13 अप्रैल: सेवनिया गोंड
15-16 अप्रैल: बैरागढ़ (मकान, मैरिज गार्डन)
17 अप्रैल: हुजूर तहसील
18-19 अप्रैल: टीटी नगर
20 अप्रैल: बैरागढ़ शेष अतिक्रमण
21 अप्रैल: हुजूर तहसील अंतिम कार्रवाई
वन विहार में पिलर निर्माण पर नया विवाद
कार्रवाई के बीच वन विहार नेशनल पार्क क्षेत्र में करीब 2.5 किमी में 100 से ज्यादा पिलर लगाए जाने का मामला सामने आया है। विशेषज्ञ इसे वेटलैंड नियमों के खिलाफ बता रहे हैं। पर्यावरणविद् राशिद नूर खान ने इस मामले को गंभीर बताते हुए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) में ले जाने की तैयारी की है।

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