मुंबई
नई दिल्ली. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई (BSE) ने मंगलवार को इतिहास रच दिया. दरअसल, बीएसई की मार्केट कैप 21 मई को 5 ट्रिलियन डॉलर यानी 5 लाख करोड़ डॉलर से ज्यादा हो गई है. शेयर बाजार इतिहास में यह पहला मौका है, जब बीएसई पर लिस्टेड सभी कंपनियों का कुल बाजार मूल्यांकन इस आंकड़े को पार कर गया है. बीएसई की वेबसाइट के मुताबिक, एक्सचेंज में लिस्टेड सभी कंपनियों का मार्केट कैप 21 मई को 5.01 लाख करोड़ डॉलर यानी 412 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया.
बीते करीब पांच महीने में बीएसई के मार्केट वैल्यूएशन में करीब 633 अरब डॉलर की वृद्धि हुई है. इस साल की शुरुआत में यह 4.14 ट्रिलियन डॉलर था. हालांकि, बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) अब भी अपने ऑल टाइम हाई से 1.66 फीसदी नीचे है, जबकि बीएसई का मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स 21 मई को रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया.
मई 2007 में पहली बार 1 ट्रिलियन के आंकड़े को छुआ था
बीएसई में लिस्टेड फर्मों का मार्केट कैप मई 2007 में 1 लाख करोड़ डॉलर को पार कर गया था. इसके बाद जुलाई 2017 में 2 लाख करोड़ डॉलर के मार्केट कैप के आंकड़े को पार किया था. मई 2021 में मार्केट कैप ने 3 लाख करोड़ डॉलर को पार किया था. बीएसई ने नवंबर 2023 में पहली बार 4 ट्रिलियन के आंकड़े को छुआ था और अब महज 6 महीनों में यह 5 लाख करोड़ डॉलर को पार कर गया है.
दुनिया में भारतीय शेयर बाजार मार्केट कैप में पांचवें नंबर पर
फिलहाल, पूरी दुनिया में 5 ट्रिलियन डॉलर के साथ भारतीय शेयर बाजर मार्केट कैप में पांचवें नंबर पर है. दुनिया भर में सिर्फ 4 देशों के शेयर बाजार का मार्केट कैप 5 लाख करोड़ डॉलर से ज्यादा रहा है. इन देशों में अमेरिका, चीन, जापान और हांगकांग शामिल हैं. 55 ट्रिलियन डॉलर के मार्केट कैप के साथ अमेरिका पहले, 9.4 ट्रिलियन के आंकड़े के साथ चीन दूसरे, 6.4 ट्रिलियन के मार्केट कैप के साथ जापान तीसरे और 5.4 ट्रिलियन डॉलर के मार्केट कैप के साथ हांगकांग का शेयर बाजार दुनिया में चौथे नंबर पर है.
ऐसे तय किया 1 ट्रिलियन से 5 ट्रिलियन का सफर
भारतीय शेयर बाजार को एक ट्रिलियन डॉलर से पांच ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने में 15 साल से ज्यादाा का समय लगा है. बीएसई का मार्केट कैपिटलाइजेशन 28 मई 2007 को पहली बार 1 ट्रिलियन डॉलर के स्तर पर पहुंचा था और इसके एक दशक बाद यानी साल 2017 में इसका आकार 2 ट्रिलियन डॉलर हो पाया था. साल 2021 में इसने 3 ट्रिलियन और 2023 में 4 ट्रिलियन डॉलर का आंकड़ा छुआ, लेकिन अब छह महीने से कम समय में ही ये 4 ट्रिलियन से 5 ट्रिलियन डॉलर पर पहुंच गया.
ये हैं देश की Top-10 वैल्यूएबल कंपनियां
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के मार्केट कैप में उछाल लाने के पीछे देश की टॉप-10 वैल्यूएबल कंपनियों का अहम रोल रहा है. इसमें मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) की रिलायंस इंडस्ट्रीज से लेकर भारतीय स्टेट बैंक (SBI) तक शामिल हैं. मार्केट वैल्यू की बात करें, तो फिलहाल रिलायंस का मार्केट कैप 19.74 लाख करोड़ रुपये, टीसीएस का एमकैप 13.85 लाख करोड़ रुपये, HDFC Bank 11.07 लाख करोड़ रुपये, Airtel 7.95 लाख करोड़ रुपये, ICICI Bank 7.79 लाख करोड़ रुपये है.
इसके अलावा SBI Market Cap 7.28 लाख करोड़ रुपये, LIC Market Cap 6.54 लाख करोड़ रुपये, Infosys MCap 6.01 लाख करोड़ रुपये, HUL 5.57 लाख करोड़ रुपये और ITC की मार्केट वैल्यू 5.49 लाख करोड़ रुपये है.
(नोट- शेयर बाजार में किसी भी निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें.)

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