भोपाल
भोपाल में कॉलेज छात्राओं के साथ दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के मामले में जांच में लापरवाही बरतने पर पुलिस प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। अशोका गार्डन थाना प्रभारी हेमंत श्रीवास्तव को पद से हटाकर लाइन अटैच कर दिया गया है। वह इस मामले में SIT जांच का हिस्सा थे। यह आदेश डीसीपी जोन-1 प्रियंका शुक्ला ने जारी किया। बताया जा रहा है कि हेमंत श्रीवास्तव पर मामले की गंभीरता के अनुरूप कार्रवाई न करने और जांच को सुस्त गति से आगे बढ़ाने के आरोप थे।
राष्ट्रीय महिला आयोग की फैक्ट फाइंडिंग टीम ने भी जांच पर सवाल उठाए थे। टीम ने अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को सौंपी थी, जिसमें आरोपियों की कार्यप्रणाली और पुलिस की जांच प्रक्रिया को लेकर गंभीर टिप्पणियां की गई थीं। मामले में फरहान खान, साहिल खान और अली खान नामक तीन युवकों पर आरोप है कि उन्होंने पहले अपना धर्म छिपाकर छात्राओं से दोस्ती की। बाद में उन्हें महंगे गिफ्ट और लग्जरी गाड़ियों का लालच देकर झांसे में लिया गया। आरोपियों ने छात्राओं को नशे का सेवन कराकर दुष्कर्म किया और अश्लील वीडियो बना लिए। बाद में इन्हीं वीडियो के जरिए उन्हें ब्लैकमेल कर धमकाया गया।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस मामले में एक संगठित नेटवर्क के सक्रिय होने की आशंका जताई है। आयोग का मानना है कि आरोपी अकेले नहीं थे, बल्कि इनके पीछे एक सुव्यवस्थित गिरोह काम कर रहा है, जो भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय हो सकता है।

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