बालोद.
गुरुर थाना पुलिस ने रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर 24 लाख रुपये ठगने वाले मास्टरमाइंड को नागपुर से गिरफ्तार किया है। एक माह पहले इसी मामले के एक आरोपी को राजहरा से गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। ठगी का मास्टरमाइंड अंकुश मिश्र तीन दिन तक गुरुर पुलिस को चकमा देता रहा, जिसे आज अंततः नागपुर से गिरफ्तार किया गया है।
जानकारी के अनुसार, खुंदनी गांव का रहने वाले अक्षय कुमार साहू ने तहरीर दी थी। पुलिस को दी तहरीर में अक्षय कुमार ने बताया था कि एक आरोपी डोलेश कुमार साहू जो कि दल्ली राजहरा में रहता है, उनके द्वारा साथियों के साथ मिलकर रेलवे में टीसी की नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी को अंजाम दिया गया है। पुलिस ने बताया कि गवाह हरिओम साहू द्वारा बताया गया कि डोलेश साहू व उनके साथियों द्वारा इसे भी रेलवे में नौकरी लगने के नाम पर 12 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई है। पूरे मामले में प्रथम जांच के बाद अपराध पंजीबद्ध किया गया और पूरे मामले को पुलिस अधीक्षक एसआर भगत ने गुरुर पुलिस अंतर्गत विशेष टीम का गठन किया गया। सबसे पहले डूलेश साहू को उसके निवास से गिरफ्तार किया गया, जहां उसने बताया कि नौकरी लगने के नाम पर पैसे लेने के बाद वह कमीशन काटकर पैसा नागपुर निवासी अंकुश मिश्रा को दे देता था। आरोपी को पहले से ही शंका हो गई थी कि पुलिस की नजर उस पर है, जिस कारण वह अपने घरवालों को बिना बताए नागपुर में किराये के मकान में रह रहा था।
थाना प्रभारी दिनेश कुमार कुर्रे ने बताया कि पूरे मामले में मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ की। उसके पास से दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं और उसका मोबाइल भी जब्त किया गया है और उसके दस्तावेज की जांच के बाद यह बात सामने आ रही है कि अन्य अभ्यर्थियों से भी ठगी की गई है। फिलहाल आरोपी अंकुश मिश्र को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है। मामले में आगे जांच की जा रही है।

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