लखनऊ
महिला से गैंगरेप के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे पूर्व कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति की जमानत याचिका इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने खारिज कर दी है। दरअसल, MP-MLA कोर्ट ने 12 नवंबर 2021 को महिला से गैंगरेप के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी,वहीं अन्य अभियुक्तों को आशीष शुक्ल और अशोक तिवारी भी दोषी पाया है जबकि चंद्रपाल, विकास वर्मा, रूपेश्वर और अमरेन्द्र सिंह पिंटू को निर्दोष बताया था।
बता दें कि महिला से गैंगरेप और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था। वहीं इस केस में पूर्व खनन मंत्री गायत्री ने कोर्ट से अर्जी देकर केस की तारीख को बढ़ाने की अपील की थी। आरोपी ने कोर्ट से मांग की थी मामले की सुनवाई किसी अन्य राज्य में किया जाए। वहीं इस मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में याचिका दाखिल कर चुनौती दी गई है। फिलहाल कोर्ट ने दोषी पाया था अब इस मामले में आरोपियों को 12 नवंबर 2021 को सजा सुनाई थी।
गौरतलब है कि गायत्री पहले से ही सामूहिक दुष्कर्म के मामले में 15 मार्च 2017 से जेल में हैं। वहीं पीड़िता एमपी एमएलए कोर्ट में गायत्री प्रजापति पर लगाए गैंगरेप के आरोपों से मुकर चुकी है। गवाह अंशु गौड़ ने इस मामले कोर्ट से में अर्जी देकर अपील की थी पीड़िता को भारी भरकम लालच दिया गया उसके नाम से कई प्लाटों की रजिस्ट्री की गई है। जिससे उसने अपने बयान को बदलने के लिए राजी किया गया है। उसके बाद भी कोर्ट ने आरोपी को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

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