नई दिल्ली
योग गुरु बाबा रामदेव को सुप्रीम कोर्ट से फिर फटकार लगी। इस बार सहयोगी बालकृष्ण के साथ दोबारा माफी मांगने गए पतंजलि प्रमुख के 'एटीट्यूड' पर अदालत ने सवाल उठाए। शीर्ष न्यायालय का कहना है कि आपने तीन बार निर्देशों का उल्लंघन किया है। रामदेव और बालकृष्ण का कहना है कि वह सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के लिए तैयार हैं।
योग पर की तारीफ, उल्लंघन पर लताड़ा
मंगलवार को शीर्ष अदालत में पतंजलि आयुर्वेद के खिलाफ जारी अवमानना केस पर सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई कर रहीं जस्टिस हिमा कोहली और जस्टिस ए अमानुल्लाह की बेंच ने कहा कि उन्होंने योग के लिए काफी कुछ किया है। बेंच का कहना है, 'आपने योग के लिए जो किया है, उसपर हम आपका सम्मान करते हैं।'
इधर, रामदेव बाबा ने भी साफ किया है कि उनका मकसद सुप्रीम कोर्ट की गरिमा को कम करना नहीं था। साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि वह भविष्य में और भी ज्यादा सतर्क रहेंगे। सुनवाई के दौरान जस्टिस अमानुल्लाह ने कहा कि कानून सभी के लिए बराबर है। कोर्ट ने कहा, 'हमने अब तक तय नहीं किया है कि आपको माफ करना है या नहीं। आपने तीन बार (निर्देशों का) उल्लंघन किया है।' उन्होंने आगे कहा, 'हम पिछले आदेशों पर भी विचार कर रहे हैं। आप इतने भोले नहीं हैं कि आपको नहीं पता कि कोर्ट में क्या हो रहा है।' साथ ही अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 23 अप्रैल तय की है। रामदेव और बालकृष्ण दोनों को ही कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए गए हैं। योग गुरु ने कहा, 'मुझे न्यायपालिका में पूरा भरोसा है।'
दो बार कोर्ट का इनकार
खास बात है कि इससे पहले बाबा रामदेव दो बार माफी मांग चुके हैं, लेकिन अदालत ने उन्हें स्वीकार करने से इनकार कर दिया। बीते सप्ताह हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने योग गुरु के साथ-साथ उत्तराखंड सरकार को भी जमकर फटकार लगाई थी।

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