रूबी के घर जाने से रोके गए अतुल प्रधान, समर्थकों संग हुई धक्कामुक्की, धरने पर बैठे विधायक

मेरठ
मेरठ में रूबी के अपहरण और उसकी मां की हत्या के बाद से शहर में तनाव की स्थिति बन गई है। गुरुवार को सपा विधायक अतुल प्रधान को पुलिस फोर्स ने कपसाड गांव जाने से रोक दिया। सरधना से सपा विधायक अतुल प्रधान अपने समर्थकों के साथ दलित महिला की हत्या और बेटी के अपहरण के मामले में अंतिम संस्कार में शामिल होने गांव जा रहे थे। गंगनर पटरी के विधायक अतुल प्रधान और समर्थकों को पुलिस ने बैरिकेड लगाकर ब्लॉक कर दिया। इस दौरान पुलिस के साथ विधायक और उनके समर्थकों के धक्कामुक्की हुई। हालांकि फोर्स ने विधायक को आगे नहीं बढ़ने दिया। काफी विवाद और कहासुनी के बाद विधायक मौके पर ही धरने पर बैठ गए। इस दौरान काफी हंगामा हुआ।
 
सपा विधायक अतुल प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "खुलेआम तालीबानी ढंग से एक महिला की हत्या कर दी गयी और उसकी बेटी को दबंग उठाकर ले गये और उस परिवार के दुख में स्थानीय विधायक होने के बावजूद में शामिल नही होने दे रही है। पुलिस गुड़ागर्दी दुख में शामिल होने वाले को दिखा रही है। वो अपहरणकर्ता कहां छुपे बैठे है जिन्होने उस मां की खुले आम हत्या कर दी। जो लोग न्याय से वंचित करने का काम करने का प्रयास कर रहे है वो लोग जान ले हम परिवार को न्याय मिलने तक संघर्ष करेगे।"

जघन्य घटना के विरोध में सपा का कमिश्नरी चौराहे पर प्रदर्शन
जघन्य अपराध के विरोध में कमिश्नरी पार्क पर सफाई होने पार्टी के प्रदेश सचिव विपिन चौधरी के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने बेटी की सकुशल बरामदगी करने, दोषियों की गिरफ्तारी के साथ खिलाफ कठोरता करवाई करने की मांग की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस में तीखी झड़प भी हुई|

सपाईयों ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन दिया। प्रदर्शनकारियों ने बेटी के अपहरण कर ले जाने एवं विरोध करने पर मां की हत्या की घटना की कड़े शब्दों में निंदा की। कहां की पुलिस अभी तक बेटी को बरामद नहीं कर पाई है और नहीं आरोपियों की गिरफ्तारी कर सकी है। सपा प्रदेश सचिव विपिन चौधरी एवं सपा वरिष्ठ नेत्री नेहा गौड़ ने कहा कि इस मामले में पुलिस प्रशासन और सरकार सख्ती के साथ कार्रवाई करे। बुलडोजर से लेकर अन्य सख्त कार्रवाई करें।