भोपाल
करीब 43 साल पहले 9.56 करोड़ रुपए खर्च कर बनाए गए सतपुड़ा और विंध्याचल भवन को तोड़कर अरेरा हिल्स क्षेत्र को दिल्ली के सेंट्रल विस्टा की तर्ज पर डेवलप किया जाएगा। री-डेंसिफिकेशन प्रोजेक्ट के तहत यह जिम्मेदारी मप्र हाउसिंग बोर्ड को सौंपी गई है। करीब 4 महीने में बोर्ड ने इसका कंप्रेहेंसिव प्लान तैयार कर लिया है।
हालांकि, इस प्लान पर अंतिम मुहर आज बुधवार को वल्लभ भवन में होने वाली मुख्य सचिव की बैठक में लगेगी। फिलहाल बोर्ड का प्लान है कि वल्लभ भवन के इर्द-गिर्द अलग-अलग खंडों में कई भवन बनाए जाएंगे और इन्हीं में भोपाल के सभी एचओडी स्तर के दफ्तर संचालित किए जाएंगे। इससे पहले सतपुड़ा-विंध्याचल भवन को तोड़कर दोगुने क्षेत्र में बनाने की योजना भोपाल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (बीडीसी) ने बनाई थी। जिसे मुख्यमंत्री ने नामंजूर कर दिया था।
43 साल पहले… 9.56 करोड़ खर्च कर बनाए गए थे सतपुड़ा-विंध्याचल भवन
नगरीय विकास एवं आवास विभाग के एसीएस संजय शुक्ला ने बताया कि सतपुड़ा- विंध्याचल भवनों को तोड़कर वहां नए भवनों के निर्माण का एक समग्र (कंप्रेहेंसिव) प्लान मप्र हाउसिंग बोर्ड ने तैयार किया है। प्रस्तावित योजना पर अंतिम निर्णय आगामी बैठक के बाद लिया जाएगा।
मेट्रो का रूट भी: इस क्षेत्र को दो तरफ से ऑरेंज और ब्लू मेट्रो का रूट भी मिलेगा।
वल्लभ भवन और इसके आसपास 8 ऐसी झुग्गी बस्तियां हैं, जिनमें 32 हजार लोग रहते हैं। इनमें पत्रकार कॉलोनी के पास मालवीय नगर, ओम नगर-2,3, भीम नगर, वल्लभ नगर-1,2, राजीव नगर व अर्जुन नगर शामिल हैं। यहां 9197 हाउस होल्ड हैं।

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