कोलकाता
पश्चिम बंगाल के ताहिरपुर में रैली में पीएम मोदी खराब मौसम की वजह से नहीं पहुंच पाए। उनका हेलीकॉप्टर खराब मौसम की वजह से वहां लैंड नहीं कर पाया। इसके बाद पीएम मोदी ने फोन के जरिए रैली को संबोधित किया और फिर जनता से माफी मांगते हुए कहा कि मैं वहां आ ही गया था लेकिन खराब मौसम की वजह से नहीं पहुंच पाया। पीएम ने अपनी बात को पूरा करते हुए कहा कि जब वह वहां आएंगे तो फिर पूरी तरह से बंगाल के विजन के ऊपर जनता से बात करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने फोन के जरिये रैली को संबोधित करते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस उनका और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का चाहे जितना विरोध करे लेकिन पश्चिम बंगाल की प्रगति नहीं रुकनी चाहिए। उनकी सरकार का उद्देश्य पिछड़ेपन से जूझ रहे बंगाल के दूर-दराज के इलाकों तक आधुनिक संपर्क सुविधाएं सुनिश्चित करना है। पीएम मोदी ने हाल के समय में बिहार चुनाव में मिली ऐतिहासिक जीत का जिक्र करते हुए कहा कि बिहार चुना के नतीजों ने पश्चिम बंगाल में भाजपा के लिए रास्ते खोल दिए हैं। उन्होंने बिहार की जनता से कहा कि वह एक बार राज्य में डबल इंजन सरकार बनाने का अवसर दें। पीएम ने कहा कि वह राज्य के विकास के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।
ममता सरकार पर हमला बोलते हुए पीएम ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस घुसपैठियों का समर्थन कर रही है। ममता दीदी एसआईआर का विरोध कर रही हैं क्योंकि वह घुसपैठियों को संरक्षण दे रही हैं और इन घुसपैठियों की पहचान को छिपाना चाहती हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने बंगाल की जनता को त्रिपुरा का उदाहरण देते हुए कहा कि त्रिपुरा में एक समय तक वामपंथियों का शासन था, जिनके राज्य में त्रिपुरा लगातार पिछड़ता चला गया है। अब, जब से वहां पर भाजपा की डबल इंजन की सरकार आई है, तभी से त्रिपुरा तेजी से आगे बढ़ रहा है, जबकि पश्चिम बंगाल पिछड़ रहा है। पीएम ने कहा, “त्रिपुरा में भी वामपंथियों का शासन था, वह गए और भाजपा की डबल इंजन की सरकार आई, इसके बाद आप देखिए कि त्रिपुरा लगातार आगे बढ़ रहा है। पश्चिम बंगाल में भी वामपंथियों का शासन था। उनके जाने के बाद लगा कि अब सब ठीक हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। तृणमूल कांग्रेस ने वामपंथियों के रास्ते पर चलते हुए, उनके ही लोगों को अपने में समाहित कर लिया और बंगाल का हाल और भी ज्यादा बुरा कर दिया।”
इसके बाद पीएम मोदी ने कहा कि वह रैली स्थल पर पहुंचने वाले थे, लेकिन मौसम ने ऐसा नहीं होने दिया। ऐसे में वह जल्दी ही एक बार फिर से नादिया आएँगे और जनता के सामने पश्चिम बंगाल के विकास के लिए अपने विजन को रखेंगे।
इससे पहले पीएम मोदी खराब मौसम की वजह से रैली स्थल पर नहीं पहुंच पाए। बाद में खबरें आईं थी कि पीएम मोदी सड़क के रास्ते रैली स्थल पर पहुंच सकते हैं, लेकिन ऐसा संभव नहीं हो पाया। पीएम के न आने की खबर सुनकर वहां मौजूद लोगों में भी अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला, जिसे स्थानीय प्रशासन द्वारा संभाल लिया गया।

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