भोपाल
अपर मुख्य सचिव ऊर्जा श्री नीरज मंडलोई ने रविवार को पोलोग्राउंड इंदौर में पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने नए कार्यों को गुणवत्ता के साथ तय अवधि में पूरा करने के निर्देश दिए। श्री मंडलोई ने आरडीएसएस पूर्ण हो चुके, वर्तमान में हो रहे एवं अगले चरण में होने वाले कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने सभी कार्यों को समय पर कराने के निर्देश दिए, जिससे आमजनों को उसका लाभ मिले। श्री मंडलोई ने कहा कि शासकीय एवं निजी बिजली उपभोक्ताओं से राजस्व संग्रहण समय पर किया जाए। इस कार्य में कोताही नहीं बरती जाए। उन्होंने पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के आरडीएसएस के कार्यों की प्रगति एवं जारी वित्तीय वर्ष में सात माह में राजस्व संग्रहण पर संतोष जताया।
पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर की प्रबंध निदेशक सुश्री रजनी सिंह ने अपर मुख्य सचिव को स्मार्ट मीटर परियोजना में आठ लाख से ज्यादा मीटर स्थापित होने, रबी सीजन में ट्रांसफार्मर की उपलब्धता, दैनिक विद्युत आपूर्ति, शासकीय विभागों से बकाया वसूली के लिए किए जा रहे प्रयास, नई भर्ती प्रक्रिया, आरडीएसएस के 46 ग्रिड पूर्ण तैयार होने समेत अन्य विषयों की जानकारी प्रस्तुत की। सुश्री रजनी सिंह ने बताया कि सूचना प्रौद्योगिकी शाखा द्वारा बिलिंग से सबंद्ध ऑटोमेशन कार्य किया जा रहा हैं। इसके होने पर नई सुविधा प्रारंभ हो जाएगी। यदि स्मार्ट मीटर से संबंद्ध उपभोक्ता की राशि जमा नहीं करने पर बिजली ऑटोमेटिक कटती है, तो वह जैसे ही बिजली बिल जमा करेगा, वैसे ही ऑटोमेटिक उसकी बिजली अगले ही मिनिट स्वतः चालू हो जाएगी, उसे जोन- वितरण केंद्र नहीं जाना होगा। श्री मंडलोई ने पश्चिम क्षेत्र कंपनी के सुधारवादी और उपभोक्ता सेवा संबंधी प्रयासों की सराहना भी की। इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक श्री प्रकाश सिंह चौहान, निदेशक तकनीकी श्री सचिन तालेवार, कार्यपालक निदेशक श्री गजरा मेहता, मुख्य अभियंता श्री रवि मिश्रा, श्री एसआर बमनके, श्री एसएल करवाड़िया, श्री एसआर सेमिल, श्री आरके आर्य, मुख्य वित्त अधिकारी श्री नरेंद्र बिवालकर आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

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रीवा के राजस्व विभाग में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर: बिना किसी सरकारी आदेश के बदल दिया गया किसान की जमीन का नक्शा, RTI में हुआ सनसनीखेज खुलासा सिरमौर/रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले के तहसील सिरमौर अंतर्गत ग्राम पिपरी में राजस्व अभिलेखों के साथ गंभीर छेड़छाड़ और ‘डिजिटल फर्जीवाड़े’ का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ एक किसान की निजी भूमि का नक्शा बिना किसी आवेदन, बिना किसी सक्षम न्यायालय के आदेश और बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के कंप्यूटर रिकॉर्ड (पोर्टल) पर बदल दिया गया है। क्या है पूरा मामला? ग्राम पिपरी निवासी आशीष मिश्रा (पिता श्री सम्पत प्रसाद मिश्रा) ने अपनी आराजी क्रमांक 88/1 एवं 88/2 के नक्शे में हुई संदिग्ध तरमीम (संशोधन) को लेकर सूचना के अधिकार (RTI) के तहत जानकारी मांगी थी। महीनों के चक्कर लगवाने और प्रथम अपील के बाद जो जवाब विभाग से मिला, उसने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। RTI में विभाग ने खुद स्वीकारी ‘अंधेरगर्दी’: लोक सूचना अधिकारी एवं नायब तहसीलदार वृत्त बैकुण्ठपुर ने अपने लिखित प्रतिवेदन (पत्र क्रमांक 292/2026 दिनांक 06/02/2026) में स्वीकार किया है कि: कंप्यूटर नक्शे में तो तरमीम (बदलाव) दिख रहा है, लेकिन मूल पटवारी नक्शा शीट (Field Map) में इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है। राजस्व अभिलेखों (खसरा आदि) में इस तरमीम से संबंधित कोई भी प्रविष्टि दर्ज नहीं है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि विभाग को यह भी नहीं पता कि यह बदलाव किस वर्ष में हुआ और किस अधिकारी के आदेश से किया गया। यानी बिना किसी फाइल और बिना किसी आदेश के रातों-रात कंप्यूटर पर नक्शा बदल दिया गया। पीड़ित का आरोप: “राजस्व अमले की मिलीभगत से हुआ खेल” पीड़ित आशीष मिश्रा का कहना है कि उन्होंने इसके लिए दो बार आवेदन दिए और कई बार अधिकारियों के चक्कर काटे। उन्होंने आरोप लगाया कि पटवारी और संबंधित राजस्व कर्मचारियों ने निजी स्वार्थ के चलते अभिलेखों में कूट-रचना (Forgery) की है। पीड़ित ने अब एसडीएम सिरमौर से मांग की है कि इस अवैध तरमीम को तत्काल निरस्त किया जाए और उन दोषियों पर एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए जिन्होंने सरकारी पोर्टल के डेटा के साथ छेड़छाड़ की है। अधिकारियों की चुप्पी: बिना आदेश के नक्शा बदलने का यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस ‘डिजिटल सेंधमारी’ को सुधारता है या फिर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। पीड़ित ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो वे उच्च न्यायालय (High Court) की शरण लेंगे। संपर्क हेतु (Contact Info): आशीष मिश्रा (पीड़ित) ग्राम पिपरी, तहसील सिरमौर, रीवा मोबाइल: 8959446240