नई दिल्ली
महिलाओं से यौन उत्पीड़न के आरोपी सांसद प्रज्वल रेवन्ना को भारत आते ही अरेस्ट कर लिया जाएगा। कर्नाटक के होम मिनिस्टर जी. परमेश्वर ने मंगलवार को यह बात कही। उन्होंने कहा कि यह फैसला तो एसआईटी को ही लेना है कि प्रज्वल रेवन्ना की गिरफ्तारी कहां की जाएगी। कांग्रेस सरकार ने प्रज्वल रेवन्ना के कई वीडियो सामने आने के बाद 28 अप्रैल को इस मामले की जांच से लिए एसआईटी का गठन किया था। इसके बाद रेवन्ना ने अपने वकील के माध्यम से एसआईटी को जानकारी दी थी कि वह 7 दिनों में पेश होंगे, लेकिन वह नहीं गए।
प्रज्वल रेवन्ना ने इस बार भी हासन लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा है। यह विवाद सामने आने से पहले ही उनकी सीट पर वोटिंग हो चुकी थी। जी. परमेश्वरा से जब यह पूछा गया कि फ्लाइट में बैठते ही रेवन्ना को अरेस्ट कर लिया जाएगा या फिर भारत आने का इंतजार किया जाएगा। परमेश्वर ने कहा कि इसका फैसला एसआईटी लेगी। एजेंसी अपने तरीके से काम करेगी। एसआईटी को ही फैसला लेना है कि कब और कैसे रेवन्ना की गिरफ्तारी होगी। उन्होंने कहा कि यदि रेवन्ना खुद नहीं आते हैं तो भी कानून अपना काम करेगा।
उन्होंने रेवन्ना के वीडियो को लेकर भी कहा कि मैंने उसे देखा है। यह नहीं जानता कि उन्होंने क्यों यह वीडियो बनाया है। जी. परमेश्वर ने कहा कि रेवन्ना के खिलाफ पहले ही ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी हो चुका है। इसके अलावा एसआईटी ने भी नोटिस दिया है। अब इस केस में चार्जशीट भी दाखिल होगी। हमें देखना है कि इस मामले की सच्चाई क्या है। इसके लिए गहनता से जांच जारी है। बता दें कि हाल ही में जारी किए गए वीडियो में प्रज्वल रेवन्ना ने परिवार के सदस्यों और जेडीएस के कार्यकर्ताओं से माफी मांगी थी। उनका कहना था कि मेरे खिलाफ राजनीतिक साजिश रची गई है।
रेवन्ना ने दावा किया था कि यह साजिश उनके खिलाफ विपक्ष के लोगों और कुछ स्थानीय नेताओं ने रची है। उन्होंने कहा कि इसके चलते मैं डिप्रेशन में चला गया था और अकेला था। अब मैं अदालत के सामने पेश हो जाऊंगा। इसके साथ ही उन्होंने अपने परिजनों से माफी भी मांगी थी। इस केस में एसआईटी ने प्रज्वल की मां भवानी रेवन्ना को भी नोटिस जारी किया है, जिन्होंने अब अग्रिम बेल के लिए अर्जी दाखिल की है।

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