अभिमन्यु–इशिता बने जीवनसाथी: बाबा रामदेव ने कराए मंत्रोच्चार, मोहन यादव की धमाकेदार थिरकन चर्चा में

उज्जैन
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के छोटे बेटे डॉ अभिमन्यु यादव और डॉ इशता पटेल हमेशा एक दूजे के हो गए. उज्जैन में रविवार को आयोजित भव्य आयोजन में दोनों ने एक दूसरे को वरमाला पहनाकर सात फेरे लिए. शादी की रस्मों के दौरान बाबा रामदेव ने मंत्रोच्चार किया. अभिमन्यु और इशता को यह शादी हमेशा याद रहेगी क्योंकि मोहन यादव ने इस शादी के माध्यम से समाज को एक खास संदेश दिया. सीएम मोहन यादव ने अपने बेटे के साथ ही इस शादी में अलग-अलग समाज के 21 जोड़ों की शादी भी करवाई और इसका पूरा खर्च मुख्यमंत्री के परिवार ने ही उठाया. किसी से इस आयोजन में उपहार भी नहीं लिया गया.

अभिमन्यु संग 21 दूल्हे अपनी दुल्हनों को लेने पहुंचे
इस शादी की सबसे खास बात ये रही कि अभिमन्यु अकेले घोड़ी पर सवार नहीं थे बल्कि उनके साथ 21 और दूल्हे भी घोड़ी पर सवार थे. एक साथ 21 दूल्हे अपनी अपनी दुल्हनों को लेने बारात लेकर पहुंचे. जिसने भी इतनी लंबी बारात देखी वह देखते ही रह गया. बारात में सीएम के परिवार के साथ रिश्तेदार और दोस्तों ने जमकर डांस किया साथ ही वहां मौजूद 21 दूल्हों के परिजन भी जमकर थिरके. भव्य बारात में जितना उत्साह देखा गया उतना ही उत्साह विवाह पंडाल में भी देखा गया.

बाबा रामदेव ने किया मंत्रोच्चार
21 जोड़ों की शादी के भव्य आयोजन में जैसे ही वरमाला और सात फेरों की रस्में शुरू हुईं उस दौरान बाबा रामदेव और बाबा बागेश्वर मंत्रोच्चार करते रहे. बाबा रामदेव ने मंत्र पढ़े और इसी दौरान शादी की रस्में चलती रहीं. सभी रस्मों के बाद कई राज्यों के सीएम वर-वधू से मिले और उन्हें आशीर्वाद दिया. यहां पहुंचे कई संतों ने नवविवाहित जोड़ों को मंत्रोच्चार के साथ आशीर्वाद दिया और उनके वैवाहिक जीवन के खुशहाल होने की कामना की. बाबा रामदेव ने इस दौरान बाबा बागेश्वर से कहा कि महाराज आपका भी ब्याह ऐसे ही करेंगे.

पकवान नहीं सादगी वाले व्यजंन बने
वैसे तो वीवीआईपी की शादी में तरह तरह के व्यंजन बनते हैं लेकिन मोहन यादव की शादी में तरह तरह के पकवान नहीं देखे गए. 3 प्रकार का मीठा, 2 प्रकार का नमकीन, सब्जी-पूरी, दाल-रोटी और चावल इस आयोजन में बना और सभी ने खाने के स्वाद की सराहना की. इस आयोजन से यह भी संदेश दिया गया कि शादी विवाह के कार्यकम में आम आदमी को फिजूलखर्ची से बचना चाहिए.

कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने दिया आशीर्वाद
11 राज्यों के मुख्यमंत्री, 8 राज्यों के राज्यपाल, 25 संत-महात्मा और कुल 42 परिवार को मिलाकर लगभग 30 हजार मेहमान इस शादी के साक्षी बने. जो भी वीआईपी और वीवीआईपी यहां पहुंचे सभी मुख्यमंत्री मोहन यादव की तारीफ करते दिखे. तारीफ इसलिए कि इस शादी में मोहन यादव के बेटे के साथ-साथ हर जोड़े के लिए शादी की एक समान व्यवस्था थी. शादी में ज्योतिरादित्य सिंधिया डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल, मप्र विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने भी वर वधू को आशीर्वाद दिया.

राज्यपाल और संतों ने भी दिया आशीर्वाद
मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल समेत कई राज्यों के राज्यपाल समेत बाबा रामदेव, बाबा बागेश्वर, अवधेशानंद, कैलाशानंद, रविंद्रपुरी, हरिगिरि, आचार्य विश्वात्मानंद जैसे ख्यातिनाम संतों ने पहुंचकर सभी वर-वधु को आशीर्वाद दिया.

अखाड़ा परिषद और बाबा बागेश्वर देंगे नगद राशि
इस भव्य आयोजन में किसी भी मेहमान से उपहार नहीं लिया गया. बल्कि सीएम के परिवार ने ही सभी नवविवाहित जोड़ों को उपहार स्वरूप गृहस्थी शुरू करने के लिए सभी जरुरी सामान दिए. एक और खास बात यह रही अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद और मनसा देवी ट्रस्ट हरिद्वार के अध्यक्ष महंत रविंद्रपुरी महाराज और जूना अखाड़ा के मुख्य संरक्षक और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री स्वामी हरि गिरि महाराज ने सभी नव दंपति को आशीर्वाद स्वरूप सवा-सवा लाख रुपये देने की घोषणा की. इसके अलावा बाबा रामदेव ने भी अपनी ओर से वर माला के दौरान 1-1 लाख रुपए प्रत्येक जोड़े को देने की घोषणा की और मंत्रोच्चार करते हुए आशीर्वाद दिया.

गीता कॉलोनी स्थित घर में हुईं शादी की रस्में
शादी का ये कार्यक्रम वैसे तो 5 दिन पहले से ही शुरू हो गया था. मुख्यमंत्री के परिवार ने अपने बेटे-बहू की सभी रस्मों को शहर के गीता कॉलोनी स्थित अपने घर और वीवीआईपी बंगले से पूरा किया. वहीं अन्य सभी जोड़ों ने भी अपने शहर और अपने घरों से रस्मों को पूरा किया.

वाकणकर ब्रिज के पास क्षिप्रा तट पर हुआ आयोजन
यह वैवाहिक आयोजन सांवराखेड़ी स्थित वाकणकर ब्रिज के पास क्षिप्रा तट पर हुआ. इस कार्यक्रम में 5 विशेष डोम बनाए गए थे. इसके साथ ही एक विशाल मंच बनाया गया जो 40/100 साइज का और एक मंच 50/25 का बनाया गया. ये डोम भोपाल और उज्जैन के कुछ कारीगरों द्वारा तैयार किए गए.