मत्स्य क्षेत्र के विस्तार के लिये बजट में 412 करोड़ 89 लाख रूपये का प्रावधान

भोपाल

मत्स्य विकास एवं मछुआ कल्याण मंत्री  नारायण सिंह पंवार ने बजट का स्वागत करते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में यह बजट मत्स्य क्षेत्र में 'ब्लू रिवॉल्यूशन' (नीली क्रांति) को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। उन्होंने कहा कि बढ़ा हुआ बजट आवंटन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने और मछुआ समुदाय के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री  जगदीश देवड़ा द्वारा विधानसभा में प्रस्तुत वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में गरीब कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। बजट में मत्स्य पालन और मछुआ कल्याण विभाग के लिए 412 करोड़ 89 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। यह राशि पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में लगभग 70 करोड़ रुपये अधिक है।

राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  पंवार ने बताया कि बजट में केन्द्र और राज्य की योजनाओं में संतुलन बनाया गया है ताकि अधोसंरचना का विकास तेजी से हो सके। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के लिए 181 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे मत्स्य पालन में आधुनिक तकनीक, कोल्ड चेन और वैल्यू एडिशन को बढ़ावा मिलेगा। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना के लिए 150 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस राशि का उपयोग मछुआरों को उपकरण वितरण, प्रशिक्षण और स्वरोजगार से जोड़ने में किया जाएगा। राज्यमंत्री  पंवार ने कहा कि सरकार के 2025-26 में किए गए नीतिगत सुधारों के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। दिसंबर 2025 तक प्रदेश में 3 लाख मीट्रिक टन से अधिक मत्स्य उत्पादन दर्ज किया गया है। इसके अतिरिक्त, 218 करोड़ स्टैंडर्ड फ्राई मत्स्य बीज का उत्पादन भी एक बड़ी उपलब्धि है, जो प्रदेश की बढ़ती क्षमता का परिचायक है।

राज्यमंत्री  पंवार ने कहा कि नवीन बजट प्रावधानों से प्रदेश में तालाबों और जलस्रोतों का विस्तार होगा। आधुनिक तकनीक और उन्नत प्रशिक्षण के माध्यम से न केवल मछली उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि इससे जुड़े परिवारों की आय में भी ठोस वृद्धि होगी। यह बजट प्रदेश को देश में मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।