भोपाल
उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार की अध्यक्षता में भोपाल स्थित मंत्रालय में "विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक-2025" के विभिन्न प्रावधानों एवं उसके संभावित प्रभावों के संबंध में उच्च स्तरीय बैठक हुई।
बैठक में विधेयक के प्रमुख प्रावधानों, उच्च शिक्षा संस्थानों की स्वायत्तता, गुणवत्ता आश्वासन, मानकीकरण, प्रत्यायन व्यवस्था, नियामकीय सुधार, अनुसंधान एवं नवाचार को प्रोत्साहन तथा विश्वविद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थानों के समग्र विकास से जुड़े विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
मंत्री परमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों के अनुरूप उच्च शिक्षा प्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण एवं वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने की दिशा में यह विधेयक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को उत्कृष्ट शिक्षण, अनुसंधान एवं नवाचार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है।
बैठक में अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन, मप्र हिंदी ग्रंथ अकादमी के निदेशक अशोक कड़ेल, प्रवेश एवं शुल्क विनियामक समिति के अध्यक्ष डॉ. रविंद्र कान्हेरे सहित विविध शिक्षाविद,विषय विशेषज्ञ, उच्च शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, विश्वविद्यालयों से संबंधित प्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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