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जयपुर
राजस्थान में उद्योग लगाने की तैयारी कर रहे निवेशकों के लिए बड़ी खबर है। रीको की प्रत्यक्ष आवंटन योजना-2025 का 14वां चरण शुरू हो गया है। राइजिंग राजस्थान के तहत शुरू किए गए इस चरण में प्रदेश के 94 औद्योगिक क्षेत्रों में 4700 से अधिक औद्योगिक और लॉजिस्टिक भूखंड निवेशकों के लिए उपलब्ध कराए गए हैं। इच्छुक निवेशक 12 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। भूखंडों का आवंटन 15 अक्टूबर को ई-लॉटरी के जरिए किया जाएगा।
इस योजना का उद्देश्य निवेशकों को बिना लंबी प्रक्रिया के औद्योगिक भूखंड उपलब्ध कराना है। राइजिंग राजस्थान के तहत राज्य सरकार के साथ एमओयू करने वाले निवेशक योजना का लाभ ले सकेंगे। जिन निवेशकों ने अभी तक एमओयू नहीं किया है, वे भी ईएमडी की अंतिम तिथि तक एमओयू कर पात्र बन सकते हैं।
भूखंडों का इस तरह से होगा वर्गीकरण
इस चरण में 4,116 भूखंड अनारक्षित श्रेणी में रखे गए हैं। इसके अलावा 27 लॉजिस्टिक भूखंड उपलब्ध हैं। अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लिए 168, महिला वर्ग के लिए 167, भूतपूर्व सैनिकों के लिए 95, बेंचमार्क दिव्यांगजनों के लिए 124 तथा सशस्त्र बलों और अर्धसैनिक बलों के मृतकों के आश्रितों के लिए 59 भूखंड आरक्षित किए गए हैं।
एक आवेदन तो सीधा आवंटन, ज्यादा आवेदन पर ई-लॉटरी
रीको की योजना में आवंटन की प्रक्रिया भी स्पष्ट रखी गई है। किसी भूखंड के लिए केवल एक आवेदन प्राप्त होने पर उसे सीधे आवंटित किया जाएगा। वहीं एक ही भूखंड के लिए एक से अधिक आवेदन आने की स्थिति में ई-लॉटरी के माध्यम से आवंटन होगा। इससे आवंटन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने का प्रयास किया गया है।
13 चरणों में 2335 भूखंड आवंटित, 21 हजार करोड़ का निवेश
प्रत्यक्ष आवंटन योजना के 13 चरण पहले ही पूरे हो चुके हैं। इन चरणों में 2,335 औद्योगिक भूखंडों का आवंटन किया गया। रीको के अनुसार, इन भूखंडों के माध्यम से प्रदेश में 21 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश और 46 हजार से ज्यादा लोगों के लिए रोजगार सृजन का रास्ता तैयार हुआ है। इसके अलावा 444 भूखंडों का आवंटन अभी प्रक्रियाधीन है, जिनसे 2 हजार करोड़ रुपये से अधिक के अतिरिक्त निवेश की संभावना है
निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण तारीखें
योजना का 14वां चरण 28 सितंबर 2026 से शुरू हो चुका है। ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तारीख 12 अक्टूबर है। इसके बाद 15 अक्टूबर 2026 को ई-लॉटरी आयोजित की जाएगी। रीको का कहना है कि योजना के जरिए प्रदेश में औद्योगिक आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करने के साथ निवेश और रोजगार के नए अवसरों को गति देने का प्रयास किया जा रहा है।

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