जोधपुर.
जोधपुर शहर के व्यस्ततम चौराहों में से एक एम्स-नहर चौराहे पर आने वाले समय में वाहन चालकों को ट्रैफिक समस्या से निजात मिलेगी। राज्य सरकार और जेडीए की बजट योजना के तहत नहर चौराहे-पाल रोड और शास्त्री नगर थाना-लूणी पंचायत समिति तक डीपीआर बनने के बाद और मुख्यमंत्री के वर्चुअल शिलान्यान करने के बाद अब फ्लाईओवर के निर्माण का कार्य मंगलवार को शुरू हो गया है।
हालांकि, इस कार्य का वर्कऑर्डर 10 माह पूर्व दिया गया था, लेकिन पेड़ों की शिफि्ंटग सहित अन्य कार्याें में 10 माह गुजर जाने के बाद अब इस फ्लाईओवर का कार्य शुरू किया गया है। जेडीए को यह कार्य 20 मार्च 2027 तक पूरा करना है। जोधपुर विकास प्राधिकरण करीब 90 करोड़ रुपए की लागत से 760 मीटर लम्बा नहर रोड चौराहा फ्लाईओवर का निर्माण करेगा। यह फ्लाईओवर चार लेन का होगा।
अब जेडीए बना रहा फ्लाईओवर
दरअसल, शहर के सबसे महत्वपूर्ण मार्गों में शामिल पाल रोड पर चौहाबो थाने के पास नहर चौराहे पर यातायात जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए कई बार-बार अलग प्रयोग किए गए। यातायात सिग्नल लाइटें शुरू की गईं। कई बार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी की गई, लेकिन यहां पर ट्रैफिक समस्या से निजात नहीं मिली। ट्रैफिक की समस्या से निजात दिलाने के लिए आखिरकार जेडीए ने यहां पर फ्लाईओवर तैयार किया जा रहा है।
पियर फाउंडेशन का कार्य हुआ शुरू
जेडीए आयुक्त उत्साह चौधरी ने बताया कि नहर रोड फ्लाईओवर के निर्माण का कार्य मंगलवार को शुरू किया गया। इसके तहत पियर फाउंडेशन का कार्य शुरू किया गया है। यहां इस फ्लाईओवर का सबसे बड़ा 64 मीटर का स्पॉम बनेगा। इसके लिए 12 पियर तैयार होने के बाद इस पर पिलर जाएंगे।
फ्लाईओवर के निर्माण से इन सड़कों पर मिलेगी राहत
1. एम्स से आ रही सड़क: इस सड़क से एम्स और बासनी, सालावास जाने वाला ट्रैफिक रहता है।
2. बाड़मेर व डीपीएस सर्कल तक की सड़क: जोधपुर से लूणी या बाड़मेर जाने वाली सरकारी और प्राइवेट बसों के साथ ही निजी वाहन और आस-पास के क्षेत्रों में स्थित स्कूलों की बसों का भी दबाव रहता है।
3. हाउसिंग बोर्ड से आने वाली सड़क: हाउसिंग बोर्ड से नहर चौराहे तक आने वाली सडक़ से लोग सीधे एम्स और बासनी की ओर से जाते है। मुख्यतया सुबह और शाम को हाउसिंग बोर्ड की तरफ जाने वाले ट्रैफिक का दबाव रहता है।
4. जोधपुर शहर की ओर से आने वाली सड़क: जोधपुर शहर से आने वाली सड़क पर बोरानाडा सहित अन्य स्थानों पर जाने वाले लोगों के ट्रैफिक का दबाव।
रोजाना गुजरते हैं 25 हजार से ज्यादा वाहन
नहर चौराहे से पाल रोड से होते हुए बाड़मेर रोड पर प्रतिदिन 25 हजार से भी ज्यादा वाहनों का दबाव रहता है। इससे यहां रोजना जाम की स्थिति बनी रहती है। एम्स के साथ ही करीब 30 कॉलोनियों के रास्ते इस रोड से डायवर्ट होते है। ओवरब्रिज बनने से इस सडक़ से गुजरने वाले वाहन चालकों के साथ ही आस-पास की कॉलोनियों पर भी खासा फर्क पड़ेगा।

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