नई दिल्ली
भारत में कार डीलरों के सामने एक बड़ी समस्या आ रही है। उनके पास बहुत सारी गाड़ियां बिना बिके पड़ी हैं। इनकी कीमत 52,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। यानी अरबों रुपये की रकम फंसी हुई है। यह अब तक की सबसे बड़ी रकम है। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि कंपनियां लगातार गाड़ियां बना रही हैं और उन्हें बाजार में भेज रही हैं। जबकि लोग अभी गाड़ियां खरीदने में ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। यह समस्या पिछले एक साल से चल रही है।
अनुसार आमतौर पर डीलरों के पास 34 से 38 दिनों का स्टॉक रहता है। अगर गाड़ियों की संख्या में देखें तो यह लगभग 440,000 यूनिट है। मई तक का यह आंकड़ा पिछले साल दिवाली से पहले के स्टॉक से थोड़ा कम है। दिवाली से पहले डीलरों के पास 40 से 45 दिनों का स्टॉक जमा हो गया था। लेकिन इस बार गाड़ियों की कीमत बढ़ने और स्टॉक जमा होने की वजह से कुल वैल्यू बहुत ज्यादा हो गई है। यह जानकारी इंडस्ट्री के कुछ अधिकारियों ने दी है।
50 दिन से ज्यादा का स्टॉक जमा
फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (FADA) का कहना है कि डीलरों के पास 52 से 53 दिनों का स्टॉक पड़ा हुआ है। FADA इस बात को लेकर चिंतित है कि डीलरों पर काम करने के लिए पैसे का दबाव बढ़ रहा है। क्योंकि कंपनियां तो गाड़ियां भेज रही हैं, लेकिन डीलर उन्हें बेच नहीं पा रहे हैं। डीलरों के पास गाड़ियां 50 दिनों से ज्यादा समय से खड़ी हैं। जबकि पहले यह समय 21 दिन होता था।
सच्चाई कुछ और है…
कार बनाने वाली कंपनियों का कहना है कि उनके पास स्टॉक सही मात्रा में है। लेकिन सच्चाई यह है कि गाड़ियों की बिक्री की रफ्तार धीमी हो गई है। यह पिछले आठ महीनों में सबसे धीमी रफ्तार है। इस साल में यह पहली बार है जब इतनी कम गाड़ियां बिकी हैं। जितनी गाड़ियां डीलरों को भेजी गईं, उससे कम गाड़ियां लोगों ने खरीदीं। मई के महीने में कुल 302,214 गाड़ियां बिकीं। यह पिछले साल के मुकाबले 3.14% कम है।
इन डीलर के पास ज्यादा स्टॉक नहीं
कई डीलरों के पास बहुत ज्यादा स्टॉक जमा हो गया है, जो कि चिंता का विषय है। हालांकि Hyundai और Maruti के अधिकारियों का कहना है कि उनके डीलरों के पास स्टॉक सही मात्रा में है।
हुंडई मोटर इंडिया के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर तरुण गर्ग का कहना है कि उनके डीलरों के पास लगभग चार हफ्तों का स्टॉक है। यह इंडस्ट्री के नियमों के हिसाब से सही है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले साल भी उनके पास इतना ही स्टॉक था। वहीं, मारुति सुजुकी इंडिया के हेड ऑफ सेल्स एंड मार्केटिंग पार्थो बनर्जी ने कहा कि उनके स्टॉक का स्तर पिछले साल से बेहतर है। यह स्टॉक करीब 35 दिनों का है।
कब सुधरेंगे हालात?
तरुण गर्ग ने माना कि बाजार में अभी भी मांग कम है। उन्हें उम्मीद है कि सरकार द्वारा ब्याज दरों में कटौती और इनकम टैक्स में छूट देने से लोगों को गाड़ियां खरीदने में मदद मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि CRR में कटौती से डीलरों को स्टॉक रखने में कम खर्चा आएगा। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का असर साल के दूसरे भाग में दिखाई देगा।

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