भोपाल
स्कूल शिक्षा विभाग के राज्य शिक्षा केन्द्र अंतर्गत आंग्ल भाषा शिक्षण संस्थान द्वारा संचालित एक वर्षीय सेवाकालीन प्रशिक्षण पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन टीचिंग इंग्लिश, पाठ्यक्रम का नवीन सत्र एक जुलाई, 2025 से भोपाल में प्रारंभ हो रहा है। वांछित योग्यता रखने वाले शिक्षक अपने आवेदन ऑनलाइन rsk.mponline.gov.in के माध्यम से 25 जून तक प्रेषित कर
सकते हैं।
इस प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को अंग्रेजी भाषा शिक्षण की नवीन पद्धतियों, नवाचारों व भाषा के विभिन्न कौशलों से अवगत कराया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद इन शिक्षकों को अपने विद्यालयों में बेहतर अंग्रेजी भाषा शिक्षण एवं विभिन्न स्तरों पर आवश्यकतानुसार शिक्षक प्रशिक्षण, पाठ्यपुस्तक लेखन एवं सामग्री निर्माण के कार्यों में भी नियोजित किया जाता है।
प्रदेश के शासकीय माध्यमिक, उच्च माध्यमिक, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पदस्थ ऐसे योग्य व्याख्याता, उच्च श्रेणी शिक्षक, माध्यमिक शिक्षक, जो न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों से अंग्रेजी विषय में स्नातकोत्तर उपाधि रखते हों तथा जिनकी आयु एक जुलाई, 2025 को 50 वर्ष से अधिक न हो एवं जिनके पास कम से कम एक वर्ष का अंग्रेजी अध्यापन का अनुभव हो वह निर्धारित समयावधि में आवेदन कर सकते है।
बरकतउल्ला विश्वविद्यालय से सम्बद्ध यह पाठ्यक्रम इस वर्ष एक जुलाई, 2025 से 30 अप्रैल, 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इनमें से प्रत्येक जिले से दो आवेदकों को स्क्रूटिनी के बाद प्रवेश दिया जायेगा। संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र श्री हरजिंदर सिंह ने समस्त जिला शिक्षा अधिकारी और सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग को इस संबंध में निर्देश दिये हैं।

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रीवा के राजस्व विभाग में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर: बिना किसी सरकारी आदेश के बदल दिया गया किसान की जमीन का नक्शा, RTI में हुआ सनसनीखेज खुलासा सिरमौर/रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले के तहसील सिरमौर अंतर्गत ग्राम पिपरी में राजस्व अभिलेखों के साथ गंभीर छेड़छाड़ और ‘डिजिटल फर्जीवाड़े’ का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ एक किसान की निजी भूमि का नक्शा बिना किसी आवेदन, बिना किसी सक्षम न्यायालय के आदेश और बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के कंप्यूटर रिकॉर्ड (पोर्टल) पर बदल दिया गया है। क्या है पूरा मामला? ग्राम पिपरी निवासी आशीष मिश्रा (पिता श्री सम्पत प्रसाद मिश्रा) ने अपनी आराजी क्रमांक 88/1 एवं 88/2 के नक्शे में हुई संदिग्ध तरमीम (संशोधन) को लेकर सूचना के अधिकार (RTI) के तहत जानकारी मांगी थी। महीनों के चक्कर लगवाने और प्रथम अपील के बाद जो जवाब विभाग से मिला, उसने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। RTI में विभाग ने खुद स्वीकारी ‘अंधेरगर्दी’: लोक सूचना अधिकारी एवं नायब तहसीलदार वृत्त बैकुण्ठपुर ने अपने लिखित प्रतिवेदन (पत्र क्रमांक 292/2026 दिनांक 06/02/2026) में स्वीकार किया है कि: कंप्यूटर नक्शे में तो तरमीम (बदलाव) दिख रहा है, लेकिन मूल पटवारी नक्शा शीट (Field Map) में इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है। राजस्व अभिलेखों (खसरा आदि) में इस तरमीम से संबंधित कोई भी प्रविष्टि दर्ज नहीं है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि विभाग को यह भी नहीं पता कि यह बदलाव किस वर्ष में हुआ और किस अधिकारी के आदेश से किया गया। यानी बिना किसी फाइल और बिना किसी आदेश के रातों-रात कंप्यूटर पर नक्शा बदल दिया गया। पीड़ित का आरोप: “राजस्व अमले की मिलीभगत से हुआ खेल” पीड़ित आशीष मिश्रा का कहना है कि उन्होंने इसके लिए दो बार आवेदन दिए और कई बार अधिकारियों के चक्कर काटे। उन्होंने आरोप लगाया कि पटवारी और संबंधित राजस्व कर्मचारियों ने निजी स्वार्थ के चलते अभिलेखों में कूट-रचना (Forgery) की है। पीड़ित ने अब एसडीएम सिरमौर से मांग की है कि इस अवैध तरमीम को तत्काल निरस्त किया जाए और उन दोषियों पर एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए जिन्होंने सरकारी पोर्टल के डेटा के साथ छेड़छाड़ की है। अधिकारियों की चुप्पी: बिना आदेश के नक्शा बदलने का यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस ‘डिजिटल सेंधमारी’ को सुधारता है या फिर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। पीड़ित ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो वे उच्च न्यायालय (High Court) की शरण लेंगे। संपर्क हेतु (Contact Info): आशीष मिश्रा (पीड़ित) ग्राम पिपरी, तहसील सिरमौर, रीवा मोबाइल: 8959446240