डिंडोरी
मध्य प्रदेश का आदिवासी जिला डिंडोरी अब टूटने की कगार पर खड़ा हो गया है. इस जिले में दो विधानसभा हैं, डिंडोरी और शहपुरा. जिसमें शहपुरा क्षेत्र के लोग इसे नया जिला बनाने की मांग पर इस बार न सिर्फ अड़े हुए हैं, बल्कि आंदोलन के लिए भी लामबंद हैं. इसके लिए मंगलवार की दोपहर शहपुरा क्षेत्रवासियों और आमजनों ने एक मांग पत्र प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम नायब तहसीलदार शहपुरा को सौंपा है. इस पत्र में शहपुरा को नया जिला बनाने की मांग की है.
47 सालों से हो रही शहपुरा को जिला बनाने की मांग
दरअसल, शहपुरा जिला बनाओ संघर्ष समिति ने शहपुरा तहसील कार्यालय पहुंचकर नायब तहसीलदार सुखमन कुलेश को ज्ञापन सौंपा है. जिसमें शहपुरा को जिला बनाने की मांग की गई है. बताया जा रहा है कि शहपुरा को जिला बनाने की मांग पिछले 47 सालों से लगातार की जा रही है. यह मांग बीच-बीच में तब तेज होती है जब विधानसभा या लोकसभा चुनाव आते हैं. लेकिन इस बार एक पत्र ने शहपुरा क्षेत्र वासियों की टेंशन बढ़ा दी. इस पत्र में मंडला जिले की सबसे बड़ी तहसील निवास को जिला बनाने के लिए विस्तृत जानकारी चाही गई है. जिसमें निवास को शहपुरा के साथ जोड़कर जिला बनाने की बात लिखी गई है. जिसके बाद शहपुरा के लोग लामबंद हो गए.
राष्ट्रपति से लेकर मंत्रियों को सौंपा ज्ञापन
ज्ञापन के माध्यम से शहपुरा जिला बनाओ संघर्ष समिति के सदस्यों ने बताया, ''सन 1977 से लेकर आज तक शहपुरा को डिंडोरी से पृथक कर अलग जिला बनाने की मांग क्षेत्रवासियों द्वारा की जा रही है. लेकिन अब तक प्रदेश सरकार ने कोई विचार नहीं किया है. यह मांग उस दौरान भी की गई जब मंडला जिले से डिंडोरी को अलग जिला बनाया जा रहा था. इसको लेकर क्षेत्रवासियों, जनप्रतिनिधियों ने महामहिम राष्ट्रपति, पूर्व प्रधानमंत्री, राज्यपाल से लेकर कैबिनेट मंत्रियों तक को ज्ञापन एवं मांग पत्र सौंपा है.
शहपुरा को जिला बनाने की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन
क्षेत्रवासियों ने मांग की है, शहपुरा को जिला बनाने के लिए निवास, मेहदवानी, विक्रमपुर, चौरई, रहटा क्षेत्र एवं तहसील व विधानसभा को जोड़ा जाए. मांग पत्र में शहपुरा क्षेत्रवासियों ने उल्लेख किया है कि हाल में ही शासन प्रशासन के द्वारा एक पत्र जारी किया है. जिसमें उल्लेख है कि निवास को जिला बनाए जाने के लिए स्थानीय प्रशासन से राजस्व विभाग संबंधी जानकारी शहपुरा राजस्व क्षेत्र की चाही गई है. जिसमें शहपुरा और मेहदवानी ब्लॉक को शामिल किया जाना है. इस पत्र के वायरल होने के बाद से शहपुरा क्षेत्र की जनता एक बार फिर सक्रिय हुईं और मांग पत्र सौंपा है कि शहपुरा को ही अलग जिला बनाया जाए.
बैठक हुई थी आयोजित
शहपुरा जिला बनाओ संघर्ष समिति के सदस्यों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में 6 जून को एक बृहद बैठक आयोजित की गई थी. जिसमें शहपुरा के भाजपा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे भी शामिल रहे. विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने क्षेत्रवासियों की मांग को जायज बताते हुए अपना समर्थन भी दिया है. शहपुरा संघर्ष समिति के सदस्यों ने कहा है कि, ''शहपुरा हर दृष्टि से जिला बनने के लिए उपयुक्त है. कोरे आश्वासन का क्षेत्र की जनता विरोध करती है और शहपुरा को जिला घोषित नहीं करने पर क्षेत्र की जनता अब उग्र जन आंदोलन करने को मजबूर होगी. जिसकी सम्पूर्ण जवाबदारी शासन-प्रशासन की होगी.''
भारतीय किसान संघ ने भी जिला बनाने का किया समर्थन
शहपुरा जिला बनाओ संघर्ष समिति की मांग को जायज और क्षेत्र हित का बताते हुए भारतीय किसान संघ ने भी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नाम नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा. तहसील अध्यक्ष प्रमोद कुमार मौर्य ने कहा कि, ''शाहपुरा को जिला बनाने की मांग वर्षों पुरानी है. इसके लिए शाहपुरा जिला बनाओ संघर्ष समिति सतत संघर्षरत है. कई बार ज्ञापन आंदोलन हुए लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. आज पुनः शहपुरा जिला बनाओ संघर्ष समिति की मांग का भारतीय किसान संघ समर्थन करता है कि, शहपुरा को जल्द से जल्द जिला बनाया जाए.''

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