रायपुर
स्वदेशीकरण के लिए ग्रामोद्योग का कार्य सराहनीय है। यह बाते छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष राकेश पांडेय ने कही। पाण्डेय कांकेर एवं धमतरी जिले में स्थित बोर्ड में वित्तपोषित एवं पंजीकृत ग्रामोद्योग इकाइयों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के आत्मनिर्भर भारत अभियान एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सशक्त गांव, आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को मूर्त रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सराहनीय पहल है।
निरीक्षण के दौरान पांडेय ने इकाइयों की कार्यप्रणाली, उत्पादन गुणवत्ता, कच्चे माल की उपलब्धता, विपणन प्रणाली, तकनीकी सशक्तता और रोजगार सृजन की स्थिति का विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि ग्रामोद्योग के माध्यम से गांवों में स्वरोजगार के अवसर को बढ़ाकर प्रदेश की आर्थिक संरचना को मजबूत किया जा सकता है। ग्रामोद्योग निर्माण इकाई का निरीक्षण करते हुए उन्होंने संबंधित कारीगरों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को जाना। उन्होंने कारीगरों को प्रशिक्षण, डिज़ाइन विकास, विपणन सहयोग और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए ठोस रणनीति बनाने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
पांडेय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी का आत्मनिर्भर भारत अभियान और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की ग्रामीण विकास और स्वदेशी उद्योगों को बढ़ावा देने की नीति, दोनों हमें यह प्रेरणा देती हैं कि गांवों को आर्थिक रूप में सशक्त बनाकर हम समग्र विकास की ओर अग्रसर हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड शीघ्र ही तकनीकी नवाचार, ऑनलाइन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म, ब्रांडिंग तथा उद्यमिता विकास की दिशा में नई योजनाएं प्रारंभ करेगा, जिससे ग्रामोद्योग को एक नई पहचान मिलेगी। उन्होंने स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों से अपील की है कि वे सभी राज्य एवं केंद्र सरकार की योजनाओं को जमीनी स्तर तक प्रभावी रूप में पहुंचाने के लिए अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण युवा और महिलाएं इससे जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकें। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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