भोपाल,
पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल में अंतरराष्ट्रीय नर्सेस डे को बड़े ही श्रद्धा, सम्मान और उत्साह के साथ मनाया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय डोगरा ने की, जबकि आयोजन का संचालन मुख्य नर्सिंग अधिकारी श्रीमती ललिता लाल के नेतृत्व में किया गया। इस वर्ष की थीम "नर्सेस: एक नेतृत्व की आवाज – गुणवत्ता प्रदान करना, समानता सुनिश्चित करना" के अंतर्गत कार्यक्रम का केंद्र बिंदु नर्सिंग पेशे की महत्ता, नेतृत्व में उनकी भूमिका और स्वास्थ्य क्षेत्र में उनके समर्पण को उजागर करना रहा।
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. प्रॉमिस जैन ने क्रिटिकल केयर के विषय पर विस्तृत जानकारी दी और बताया कि गंभीर रोगियों की देखभाल में नर्सिंग स्टाफ की सूझबूझ, तत्परता और प्रशिक्षण कितनी अहम भूमिका निभाता है।
मुख्य नर्सिंग अधिकारी श्रीमती ललिता लाल ने नर्सिंग नैतिकता, सेवा, सहानुभूति, दयालुता और अनुकूलनशीलता जैसे आवश्यक स्टाफ स्किल्स के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि यह गुण नर्सिंग को न केवल एक पेशा बल्कि एक सेवा धर्म बनाते हैं।
नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट श्रीमती रेखा पाण्डेय ने पेशंट केयर और पेशंट सेफ्टी विषय पर प्रभावी वक्तव्य दिया और बताया कि मरीजों की सुरक्षा और आराम नर्सिंग स्टाफ की प्राथमिक जिम्मेदारी है, जिसे वे संपूर्ण समर्पण और सावधानी से निभाते हैं।
कार्यक्रम के अंत में समस्त उपस्थित नर्सिंग स्टाफ को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस आयोजन ने न केवल नर्सिंग स्टाफ के कार्यों को सराहा बल्कि उन्हें प्रेरणा और नई ऊर्जा भी प्रदान की।
इस अवसर पर भोपाल मंडल के अधीन आने वाले बीना, इटारसी एवं हरदा की रेलवे स्वास्थ्य इकाइयों में भी विविध कार्यक्रमों के माध्यम से नर्सिंग सेवा को समर्पित इस दिवस को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।

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