कवर्धा : 01 अप्रैल 2019 के पूर्व पंजीकृत सभी वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाना अनिवार्य
जिला परिवहन कार्यालय कबीरधाम द्वारा दी जा रही आवेदन सुविधा
कवर्धा
राज्य शासन द्वारा 01 अप्रैल 2019 के पूर्व पंजीकृत सभी श्रेणी के मोटर वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) लगाना अनिवार्य किया गया है, जिसे लेकर वाहन स्वामी छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग की वेबसाइट ीजजचेः//बहजतंदेचवतज.हवअ.पद पर लॉगिन कर सीधे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, जिसके लिए रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र (आरसी) में दर्ज चेचिस नंबर, इंजन नंबर तथा पंजीकृत मोबाइल नंबर की आवश्यकता होती है, वहीं जिन वाहन स्वामियों के पास ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध नहीं है वे जिला परिवहन कार्यालय कबीरधाम, परिवहन सुविधा केंद्र, चॉइस सेंटर, आधार पंजीयन केंद्र अथवा स्वयं उपस्थित होकर भी कार्यालयीन समय में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट हेतु आवेदन कर सकते हैं।
जिला परिवहन अधिकरी श्री मोहन साहू ने बताया कि वाहन पर अधिकृत वेंडर द्वारा निर्धारित दर पर एचएसआरपी प्लेट लगाई जाएगी, साथ ही जिला परिवहन कार्यालय कबीरधाम में मोबाइल नंबर अपडेट एवं ऑनलाइन आवेदन करने की भी सुविधा उपलब्ध कराई गई है ताकि आवेदकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
वाहनों के लिए हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट की कीमत भी निर्धारित कर दी गई है, जिसके तहत दोपहिया वाहनों के लिए 310 रुपए बेस प्राइस तथा 55.80 रुपए जीएसटी मिलाकर कुल 365.80 रुपए, तीन पहिया वाहनों के लिए 362 रुपए बेस प्राइस तथा 65.16 रुपए जीएसटी मिलाकर कुल 427.16 रुपए, चार पहिया वाहनों के लिए 556 रुपए बेस प्राइस तथा 100.08 रुपए जीएसटी मिलाकर कुल 656.08 रुपए और भारी मालवाहक वाहनों के लिए 598 रुपए बेस प्राइस तथा 107.64 रुपए जीएसटी मिलाकर कुल 705.64 रुपए शुल्क निर्धारित किया गया है, जिसमें जीएसटी भी शामिल है।
जिला परिवहन अधिकारी कबीरधाम ने समस्त वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे शासन के निर्देशों के अनुरूप अनिवार्य रूप से हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगवाएं तथा अपने दस्तावेजों को अद्यतन कराते हुए समय पर आवेदन पूर्ण करें ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की परेशानी से बचा जा सके।

More Stories
बच्चों के सुरक्षित कल के लिए धमतरी में साझा हुए पेरेंटिंग के नए मंत्र
बस्तर में सड़क विकास को मिलेगी नई गति : सांसद महेश कश्यप ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से की मुलाकात
जनजातीय विभाग की बड़ी पहल: प्रदेश में वर्ष 2027 तक नए स्वरूप में 450 आश्रम-छात्रावास बनकर होंगे तैयार