भोपाल
प्रमुख सचिव जनजाति गुलशन बामरा ने कहा कि अधिकारियों को अपने अधिकारों के साथ अपने से वरिष्ठ अधिकारी के अधिकारों की भी जानकारियॉ होना चाहिए। प्रमुख सचिव बामरा सोमवार को प्रशासन अकादमी में आयोजित जिला स्तरीय अधिकारियों की दो दिवसीय कार्यशाला के शुभारंभ अवसर पर अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जनजातीय वर्ग के 22 प्रतिशत एवं अनुसूचित जाति वर्ग के 16 प्रतिशत लोग निवास करते हैं। हमारी जिम्मेदारी और भी अधिक बढ़ जाती है, जब प्रदेश की कुल जनसंख्या के एक तिहाई से अधिक लोगों के विकास और उन्नति का दायित्व हमें सौंपा गया हो। इस अवसर पर आयुक्त श्रीमन शुक्ल एवं आयुक्त सुवंदना वैद्य भी उपस्थित थे।
संभागीय आयुक्त, सहायक आयुक्त एवं जिला संयोजक जनजातीय कार्य एवं अधिसूचना जाति कल्याण विभाग की दो दिवसीय प्रशिक्षण सह-उन्मुखीकरण कार्यशाला में उपस्थित अधिकारियों के विभागीय प्रशिक्षण सत्र के प्रथम दिन प्रमुख सचिव बामरा ने अधिकारियों से उनके स्थापना संबंधी दैनंदिनी कार्य, जिसमें शासकीय सेवा में अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रशासन संबंधी कार्य जिसमें नियुक्ति, पदस्थापना, अनुकंपा नियुक्ति,गोपनीय चरित्रावली पेंशन प्रकरणों में आने वाली समस्याओं के निराकरण पर अधिकारियों से सवाल जबाव भी किए।
प्रमुख सचिव बामरा ने कहा कि हमें अपने दृष्टिकोण को प्राथमिकता देते हुए कार्य करना चाहिए। जनजातीय विभाग अन्य विभाग की तुलना में बड़ा विभाग होने के साथ शिकायतों की संख्या भी ज्यादा होती है। आपको इसे एक चुनौती के रूप में स्वीकार करना चाहिए।

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