बिलासपुर
बिलासपुर नगर निगम की मेयर इन कौंसिल (MIC) की पहली बैठक हुई। जिसमें सड़क, नाली, पानी और लाइट जैसे बुनियादी मुद्दों के साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर 37 प्रस्ताव पर चर्चा की गई।
बिलासपुर नगर निगम के नए कार्यकाल की पहली एमआईसी बैठक में ही स्ट्रीट लाइट टेंडर को लेकर हंगामा हुआ। एमआईसी सदस्य विजय ताम्रकार ने टेंडर पर आपत्ति जताई, जिस पर सदस्यों से चर्चा के बाद 5.50 करोड़ रुपए के इस टेंडर को निरस्त कर दिया गया।
दरअसल, शहर की सड़कों पर स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए नगर निगम ने 5.50 करोड़ रुपए का टेंडर जारी किया था। यह टेंडर 2.31 प्रतिशत बिलो रेट पर जांजगीर की उदयश्री ग्रुप कंपनी को दिया गया था। बैठक में विजय ताम्रकार ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि प्रदेश में आमतौर पर 20 से 25 प्रतिशत बिलो रेट पर काम होता है। ऐसे में इस टेंडर से निगम को लगभग 1.25 करोड़ रुपए का नुकसान होगा। उनकी आपत्ति के बाद बैठक में गर्मागर्म बहस हुई।
पेयजल सहित 37 प्रस्ताव पास
नवनिर्वाचित महापौर पूजा विधानी की अध्यक्षता में यह पहली एमआईसी बैठक बुधवार शाम 5 बजे विकास भवन के दृष्टि सभागार में आयोजित हुई। इसमें कुल 37 प्रस्ताव पारित किए गए। गर्मी को देखते हुए बैठक में शहर में पानी की आपूर्ति को दुरुस्त करने के लिए जरूरी कदम उठाने तथा सड़क, नाली और सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई।
भाजपा ही लगाती है शहर में स्ट्रीट लाइट
स्ट्रीट लाइट के ठेके को लेकर हुई बहस के बीच यह चर्चा होती रही कि शहरभर में स्ट्रीट लाइट का काम भाजपा का एक वरिष्ठ नेता, गोलबाजार के एक फर्म के नाम से टेंडर लेकर करता है। टेंडर भी इसी कारण निरस्त किया गया ताकि नेताजी को टेंडर मिल सके।

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