नई दिल्ली
अमेरिका ने अपने नागरिकों को भारत-पाक सीमा से दूर रहने और उस इलाके में यात्रा ना करने की एडवाइजरी जारी की है। आतंकवाद और सशस्त्र संघर्ष की आशंका से भारत-पाकिस्तान सीमा और नियंत्रण रेखा के आसपास के क्षेत्रों तथा बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा प्रांतों की यात्रा न करने की चेतावनी देते हुए एक परामर्श जारी किया है।
एडवाइजरी में कहा गया है कि इन क्षेत्रों में आतंकी गतिविधियां और सशस्त्र संघर्ष हो सकते हैं, इसलिए लोगों को पाकिस्तान की यात्रा पर पुनर्विचार करना चाहिए। यात्रा परामर्श में अमेरिकियों से आतंकवाद के कारण बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा की यात्रा न करने को भी कहा गया है। अमेरिका ने कहा कि इन इलाकों में आतंकवादी संगठनों के ऐक्टिव होने की जानकारी है। इसके अलावा सीमा पर भारत और पाकिस्तान दोनों तरफ सेना की भी बड़ी तैनाती है। बता दें कि पाकिस्तान के बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में आतंकवादी संगठन लगातार कई हमले कर चुके हैं।
शुक्रवार को भी पाकिस्तान के बलूचिस्तान में हिंसा की घटना सामने आई है। केच जिले के तुरबत कस्बे में कुछ अज्ञात हथियारबंद लोगों ने शुक्रवार देर रात बलूचिस्तान के प्रमुख मौलवी मुफ्ती शाह मीर की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। उसने बताया कि हथियारबंद लोगों ने धार्मिक विद्वान को उस समय निशाना बनाया जब वह रात की नमाज अदा करके बाहर आ रहे थे।
पुलिस ने बताया कि मोटरसाइकिल सवार हथियारबंद लोगों ने मुफ्ती शाह मीर पर गोलियां चला दीं, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें तुरंत तुरबत अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। रिपोर्ट के अनुसार, मौलवी मीर को कई गोलियां लगीं, जिससे उनकी मौत हो गई। मुफ़्ती शाह मीर जेयूआई-एफ के करीबी थे। इससे पहले भी दो बार उन पर जानलेवा हमला किया गया था। यह हमला खुजदार में जेयूआई-एफ के दो नेताओं की गोली मारकर हत्या के कुछ दिनों बाद हुआ है।

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