काशी
काशी विश्वनाथ मंदिर में इस बार महाशिवरात्रि को लेकर विशेष तैयारियां की जा रही हैं। बाबा विश्वनाथ के भक्तों के लिए इस बार 36 घंटे तक दर्शन का अवसर मिलेगा। मंदिर प्रशासन ने इसके लिए पूरी योजना तैयार कर ली है। महाशिवरात्रि के दिन सुबह मंगला आरती के बाद बाबा का दरबार श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा और अगले दिन दोपहर में भोग आरती होगी। काशी में हर-हर महादेव के नारे गूंजेंगे।
भारी संख्या में पहुंच रहे हैं श्रद्धालु
महाशिवरात्रि से पहले ही काशी में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। सभी भक्त बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने के लिए उत्सुक हैं। इस बार महाशिवरात्रि के दिन बाबा के दर्शन के लिए 36 घंटे का समय मिलेगा। महाशिवरात्रि के दिन सुबह साढ़े 3 बजे बाबा का दरबार खुल जाएगा।
भगवान के दर्शन का समय
महाशिवरात्रि के दिन 26 फरवरी को सुबह 3:15 बजे मंगला आरती समाप्त होगी, और इसके बाद बाबा का दरबार श्रद्धालुओं के लिए सुबह 3:30 बजे खोला जाएगा। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने महाशिवरात्रि के दिन पूजा और आरती के लिए एक समय सारणी जारी की है। रात में होने वाली चारों प्रहर की आरतियों के दौरान बाबा विश्वनाथ के दर्शन लगातार जारी रहेंगे।
महाशिवरात्रि का पूरा शेड्यूल:-
– मंगला आरती और पूजा: सुबह 2:15 बजे से शुरू होकर 3:15 बजे तक।
– भोग आरती: सुबह 11:40 बजे से शुरू होकर 12:20 बजे तक।
रात्रि में आरतियों का समय:-
– प्रथम प्रहर: रात 9:30 बजे शंख बजेगा और पूजा की तैयारी होगी, आरती रात 10 बजे से शुरू होकर 12:30 बजे तक।
– द्वितीय प्रहर: रात 1:30 बजे से 2:30 बजे तक।
– तृतीय प्रहर: सुबह 3:30 बजे से 4:30 बजे तक।
श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्था के तहत काशी के प्रमुख स्थलों जैसे मैदागिन, गोदौलिया और दशाश्वमेध घाट पर तीन लेयर बैरिकेडिंग की गई है। मंदिर के अंदर भी मंदिर चौक से गर्भगृह तक जिक-जैक बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही जगह-जगह रास्ते की जानकारी देने के लिए बोर्ड लगाए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

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