भोपाल
मध्य प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग और राज्य शिक्षा केंद्र के नए नियमों के कारण हजारों निजी स्कूलों के अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा है। निजी स्कूल संगठन के अध्यक्ष अजीत सिंह का कहना है कि विभाग की कठोर शर्तों और प्रशासनिक लापरवाही के चलते कई विद्यालयों होंगे बंद।
वजह, शासन ने मान्यता नियम के लिए रजिस्टर्ड किरायानामा की शर्त रखी है, जो स्कूल संचालक पूरी नहीं करना चाह रहे।
भोपाल में 1400 स्कूलों में से 232 स्कूलों ने मान्यता के लिए आवेदन नहीं किया है। वहीं राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक हरजिंदर सिंह इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी करने से बच रहे हैं।
अगर यह हालात रहे तो 18,000 निजी स्कूल बंद हो सकते हैं, जिससे लाखों बच्चों की शिक्षा प्रभावित होगी, खासकर उन छात्रों की जिनका नाम कम शुल्क वाले विद्यालयों में है। अजीत सिंह के अनुसार, जिन स्कूलों ने आवेदन किया है, उनमें भी कई स्कूलों के पास दस्तावेज़ पूरे नहीं हैं या वे नए नियमों का पालन नहीं कर पा रहे हैं। इस मुद्दे पर सरकार और विभाग की चुप्पी बनी हुई है।

More Stories
वैदिक घड़ी की डिजिटल गूँज: 78 लाख+ लोगों तक पहुँची भारतीय कालगणना की पहचान
प्रशासनिक, अंतर्विभागीय समन्वय एवं विधिक विषयों में विभागीय पक्ष तत्काल प्रस्तुत कर भर्ती प्रक्रिया शीघ्र करें पूर्ण : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
ललिताराम जन विकास कल्याण समिति ने 300 मेधावी छात्रों का किया भव्य सम्मान, सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सजा आयोजन