नईदिल्ली
सरकार ने कहा है कि रेल सुविधा को सबके लिए उपलब्ध कराने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है, जिसके लिए जनरल बोगियों को बढ़ाया जा रहा है और इसके तहत इस साल के अंत तक 1000 अतिरिक्त कोच रेलों में लगाये जाएंगे।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में एक पूरक प्रश्न के जवाब में यह जानकारी देते हुए बताया कि कि देश के हर क्षेत्र में लोगों को बेहतर रेल सुविधा मिले, इसलिए सरकार जनरल डिब्बों को बढ़ाने पर ध्यान दे रही है और इसका मकसद ऐसा कर हर नागरिक तक बेहतर रेल सुविधा उपलब्ध कराना है।
वैष्णव ने कहा कि केरल में रेल नेटवर्क को विकसित करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और इसके लिए निधि आवंटित की गई है। उन्होंने स्थानीय सांसदों से राज्य सरकार को भूमि उपलब्ध कराने में मदद करने का भी आग्रह किया है।
उन्होंने कहा कि सरकार पैसेंजर ट्रेन में यात्रा के लिए बड़ी सब्सिडी दे रही है और इस क्रम में 56993 करोड़ से ज्यादा की सब्सिडी पैसेंजर ट्रेन में दी गयी है। सरकार का फोकस जनरल कोच बढ़ाने पर है और दिसंबर के आखिर तक 1000 अतिरिक्त जनरल कोच बढ़ाने की योजना है।
100 रुपये के टिकट पर खुद कितने वसूलता है रेलवे, सरकार ने दिया पूरा हिसाब
पत्रकारों को पहले मिलने वाली सब्सिडी की बहाली की संभावना के बारे में पूछे जाने पर वैष्णव ने कहा, 'भारत सरकार की ओर से यात्रियों को कुल सब्सिडी 56,993 करोड़ रुपये की दी जाती है। हर 100 रुपये की यात्रा सेवा की कीमत 54 रुपये ली जाती है। सभी श्रेणियों के यात्रियों को 46 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाती है।'
वैष्णव ने एक पूरक प्रश्न के उत्तर में यह भी कहा कि जिस तरह से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार में सड़कों से पूरे देश को जोड़ा गया था, उसी तरह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के छोटे और मझोले रेलवे स्टेशनों का विकास किया जा रहा है।
जोन के अंदर और बाहर आने-जाने में सुविधा होगी
रेलवे की तरफ से उठाए गए कदम से जनरल कोच में सफर करने वाले करीब एक लाख यात्रियों को राहत मिलेगी. पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) की तरफ से इसमें अहम भूमिका निभाई जा रही है. पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के CPRO कपिनजल किशोर शर्मा ने बताया कि पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) ने पहले ही 36 ट्रेनों / 69 रैक को 276 जनरल कोच के साथ बढ़ा दिया है. इससे यात्री अपने जोन के अंदर और बाहर ज्यादा सुविधाजनक तरीके से जा सकेंगे.
करीब 370 ट्रेनों में 600 जनरल कोच जोड़े गए
उन्होंने यह भी बताया कि पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे दिसंबर 2024 के अंत तक 16 जनरल कोच के साथ तीन अतिरिक्त ट्रेनों को बढ़ाने का प्लान कर रही है. ये प्रयास NFR की यात्री सेवाओं में सुधार और सभी वर्गों के लिए ट्रेन सफर को ज्यादा आरामदायक बनाने के मकसद से किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि रेल यात्रा में लोगों की बढ़ती रुचि को देखते हुए रेलवे अपने बेड़े का विस्तार करने के साथ ही मौजूदा ट्रेनों में भी जनरल कोच को जोड़ने पर काम कर रहा है. कपिनजल किशोर शर्मा ने बताया कि जुलाई से अक्टूबर के बीच करीब 370 ट्रेनों में 600 जनरल कोच जोड़े गए.
10,000 से ज्यादा नॉन-एसी कोच शामिल करने का प्लान
इसके अलावा अगले दो साल में 10,000 से ज्यादा नॉन-एसी कोच शामिल किये जाने का प्लान है. इसमें 6,000 से ज्यादा जनरल कोच और स्लीपर-क्लास कोच शामिल हैं. रेलवे की तरफ से उठाए जाने वाले कदम से रोजाना करीब 8 लाख यात्रियों को सहूलियत मिलेगी. रेलवे की तरफ से तैयार किये जा रहे एलएचबी कोच (LHB) काफी आरामदायक और सुरक्षित हैं. उन्होंने बताया कि LHB कोच हल्के और मजबूत होते हैं. दुर्घटना होने पर भी इनमें कम नुकसान होता है.

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