रायपुर
राज्य विद्युत विभाग के गुढिय़ारी स्थित केंद्रीय भंडार में शुक्रवार की भीषण आगजनी के बाद शनिवार को भी पूरे इलाके में दहशत है। लोग आसपास घटनास्थल को देखने भी जा रहे हैं.आजगनी से बता रहे हैं कि लगभग एक अरब से ज्यादा का नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने देर रात मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का मुआयना किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि भगवान की कृपा से कोई जनहानि नहीं हुई। विभाग के अधिकारियों ने भी मुस्तैदी दिखाई। जिन लोगों को आर्थिक रूप से क्षति हुई है उसका आकलन किया जा रहा है। आग लगने के कारणों की भी जांच कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने आगजनी की सूचना मिलते ही अपने सचिव पी दयानंद को भेजा था। आग बुझने के बाद लोगों को अंधेरे और गर्मी के बीच रात गुजारनी पड़ी। घटना के बाद यहां की बिजली सप्लाई बंद कर दी गई थी।
जैसे कि मालूम हो अग्निकांड से वहां रखे 4,000 से ज्यादा ट्रांसफार्मर, पावर आयल, बिजली के केबल और मीटर जलकर खाक हो गए। भारत माता चौक के पास लगभग साढ़े तीन एकड़ के दायरे में स्थित स्टोर में हुई दुर्घटना से बिजली विभाग को 100 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है। आग लगने का कारण शार्ट सर्किट बताया जा रहा है। लेकिन जांच के बाद पता चलेगा का कि वास्तविकता क्या है?
वैसे दबी जुबान विद्युत विभाग सवालों के घेरे में देखा जा रहा है। रिहायशी इलाके में केंद्रीय भंडार की मौजूदगी, ज्वलनशील पदार्थों-उपकरणों की अग्निसुरक्षा से जुड़े मुद्दे उठेंगे। दबी जुबान में कहा जा रहा है कि गुणवत्ताहीन खरीद पर पर्दा डालने के लिए कहीं यह साजिश तो नहीं रची गई है। उम्मीद की जाती है कि संबंधित विभाग के नीति निर्धारक बिना कोई देर किए मामले की निष्पक्ष जांच कराएंगे और भविष्य में इस तरह की घटना न हो इसके लिए सभी जरूरी उपाय किए जाएंगे।

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