नई दिल्ली.
दिल्ली के उप राज्यपाल वीके सक्सेना ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के पांच इंजीनियरों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत जांच की मंजूरी दे दी है। अब भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) इस मामले में आगे की कार्रवाई करेगी। इन इंजीनियरों पर दिल्ली सरकार के अस्पतालों में 200 करोड़ रुपये का घोटाला करने का आरोप है। राजनिवास के एक अधिकारी ने बताया कि इस घोटाले में पीडब्ल्यूडी के इलेक्ट्रिक डिवीजन के दो सहायक अभियंता और तीन जूनियर इंजीनियर के खिलाफ जांच होगी।
आरोप है कि इन्होंने दिल्ली सरकार के विभिन्न अस्पतालों में आपातकालीन कार्यों के नाम पर खुद को लाभ पहुंचाने वाली विभिन्न कंपनियों को टेंडर दिलाने में मदद की। इन अस्पतालों में लोक नायक अस्पताल, मौलाना आजाद डेंटल विज्ञान संस्थान, जीबी पंत अस्पताल और मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज शामिल हैं। राजनिवास के मुताबिक, अभी तक हुई जांच में पता चला है कि पीडब्ल्यूडी के उक्त पांच अधिकारियों ने फर्जी बिलों के भुगतान को मंजूरी दी। इससे सरकार को भारी नुकसान हुआ।

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