गोवा.
भारतीय और रॉयल ओमान नौसेनाओं के बीच द्विपक्षीय अभ्यास 'नसीम अल बह्र' का हाल ही में गोवा के तट पर समापन हुआ। यह अभ्यास 13 से 18 अक्तूबर तक चला। बता दें, नसीम अल बह्र नौसैनिक अभ्यास 1993 में शुरू किया गया था।
13 अक्तूबर से शुरू हुआ अभ्यास हुआ खत्म
भारतीय नौसेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर नौसैनिक अभ्यास से जुड़ी जानकारी साझा की। बताया कि अभ्यास दो चरणों में आयोजित किया गया था। पहला बंदरगाह चरण और दूसरा समुद्री चरण। बंदरगाह चरण 13 से 15 अक्तूबर तक चला, जिसके बाद समुद्री चरण 16 से 18 अक्तूबर तक चला।
क्या-क्या गतिविधियां हुईं?
बंदरगाह गतिविधियों के हिस्से के रूप में, दोनों नौसेनाओं के कर्मचारियों ने विषय वस्तु विशेषज्ञ आदान-प्रदान और योजना सम्मेलनों सहित पेशेवर बातचीत में भाग लिया। इसके अलावा, खेल कार्यक्रम और सामाजिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। वहीं, समुद्री चरण के तहत दोनों जहाजों ने विभिन्न विकासों को अंजाम दिया। इसमें सतह पर स्थित लक्ष्यों पर तोपों से गोलीबारी , क्लोज-रेंज एंटी-एयरक्राफ्ट फायरिंग, युद्धाभ्यास और सी एप्रोच (आरएएसएपीएस) पर पुनःपूर्ति शामिल थे। इंटीग्रल हेलीकॉप्टर आईएनएस त्रिकंद से संचालित हुआ और आरएनओवी अल सीब के साथ क्रॉस-डेक लैंडिंग और वर्टिकल रिप्लेनिशमेंट (VERTREP) करता है। इसके अलावा, भारतीय नौसेना के डोर्नियर विमान ने भाग लेने वाले जहाजों के साथ ओवर-द-होराइजन टार्गेटिंग (OTHT) डाटा प्रदान किया। इंटरऑपरेबिलिटी को और बढ़ाने के लिए, भारतीय नौसेना के सी राइडर्स ने एक दिन के लिए आरएनओवी अल सीब पर शुरुआत की।
क्या बोला रक्षा मंत्रालय
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह अभ्यास दोनों नौसेनाओं के बीच आपसी सहयोग को बढ़ावा देने और समुद्र में अच्छी व्यवस्था को बढ़ाने के लिए परिचालन स्तर की बातचीत की सुविधा प्रदान करता है। इस अभ्यास का उद्देश्य भारत और ओमान के बीच प्राचीन समुद्री और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करना भी था।

More Stories
फुकेत-दिल्ली फ्लाइट मामले के बाद बड़ा फैसला, Air India और AI Express सभी पायलटों का कराएगी साइकोएक्टिव सब्सटेंस टेस्ट
AI ने लिखा कंटेंट अब पकड़ा जाएगा! Anthropic का नया Invisible Watermark ऐसे करेगा टेक्स्ट की पहचान
15 अगस्त से पहले आतंकी साजिश का अलर्ट! दिल्ली-NCR से कश्मीर तक हाई अलर्ट, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क