नई दिल्ली
हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने कांग्रेस नेता और भारतीय टीम के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन को तलब किया है। अजहरुद्दीन सितंबर 2019 में एचसीए अध्यक्ष चुने गए थे। जून 2021 में उन्हें अपना पद छोड़ना पड़ा था। उन्हें एपेक्स काउंसिल ने फंड की हेराफेरी के आरोप में एक्शन लिया था।
यह मामला हैदराबाद के उप्पल में राजीव गांधी क्रिकेट स्टेडियम के लिए डीजल जनरेटर, अग्निशमन प्रणाली और छतरियों की खरीद के लिए आवंटित 20 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी से जुड़ा है। कांग्रेस नेता को जारी किया गया यह पहला समन है, जिसके तहत उन्हें आज जांच एजेंसी के सामने पेश होना है।
इससे पहले नवंबर 2023 में मेडचल मलकाजगिरी जिले के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश बी आर मधुसूदन राव ने हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन (एचसीए) के पूर्व अध्यक्ष मोहम्मद अजहरुद्दीन को हैदराबाद में उप्पल पुलिस द्वारा दर्ज तीन अलग-अलग आपराधिक मामलों में अग्रिम जमानत दी थी। पुलिस ने अजहर और अन्य पर उप्पल में एचसीए स्टेडियम के लिए क्रिकेट बॉल, जिम उपकरण और अग्निशमन यंत्र खरीदते समय अनियमितता बरतने का आरोप लगाया है।
वकील कोंडा कृष्णा ने उस वक्त अजहरुद्दीन की ओर से कहा था कि पुलिस ने उन्हें केवल इसलिए आरोपी बनाया है, क्योंकि वह संबंधित समय में एचसीए के अध्यक्ष थे। उन्होंने बताया था कि 3.5 करोड़ रुपये के काम के लिए टेंडर आवंटित किया गया था, जिसका काम निर्धारित समय के भीतर काम पूरा नहीं कर सका।
दूसरी ओर, सरकारी वकील बुची रेड्डी ने कहा था कि भुगतान किया गया, जबकि काम पूरा नहीं हुआ। उन्होंने कहा था कि हमने खातों का ऑडिट करवाया और यह एचसीए के पैसे के दुरुपयोग का स्पष्ट मामला निकला। अजहरुद्दीन की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील के रमाकांत रेड्डी ने तब कहा कि यह विडंबना है कि एचसीए के वही सीईओ, जिन्होंने जुलाई 2021 में ऑर्डर दिया था। उन्हीं ने शिकायत दर्ज कराई, जबकि वह निलंबन भी झेल चुके हैं। वकील का आरोप था कि CEO अपने निलंबन की वजह से अजहरुद्दीन को फंसा रहे हैं।
नित्यानंद पाठक

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