हमीरपुर
डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर से मंकी पॉक्स के संदिग्ध मरीज की रिपोर्ट नैगेटिव आई है। मेडिकल कॉलेज शिमला की लैब से प्राप्त हुई रिपोर्ट में मरीज में मंकी पॉक्स संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली है। मेडिकल कॉलेज हमीरपुर से मरीज को डिस्चार्ज भी कर दिया गया है। संदेह के आधार पर इसे कुछ दिनों तक मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती रखा गया था।
बताया जा रहा है कि यह जून महीने में अमेरिका तथा कनाडा से हमीरपुर आया था तथा सुजानपुर क्षेत्र का रहने वाला है। कुछ दिनों पहले इसके शरीर पर चकथे पड़ना शुरू हो गए तथा यह मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में उपचार के लिए पहुंचा। यहां पर स्किन स्पैशलिस्ट ने इसे देखा तथा संदेह के आधार पर सैंपल जांच के लिए मेडिकल कॉलेज शिमला भेजा गया। मंकी पॉक्स की संभावनाओं के चलते इसका सैंपल जांच के लिए भेजा गया था। लैब में टैस्ट के उपरांत सैंपल की रिपोर्ट नैगेटिव प्राप्त हुई है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी हमीरपुर डॉ. प्रवीण कुमार चौधरी ने बताया कि मेडिकल कॉलेज से मंकी पॉक्स की संभावनाओं के चलते जांच के लिए भेजे गए सैंपल की रिपोर्ट प्राप्त हो गई है तथा रिपोर्ट नैगेटिव है। उन्होंने बताया कि विदेश से लौटकर आने वाले लोगों पर स्वास्थ्य महकमा निगरानी बनाए हुए है। मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में स्किन स्पैशलिस्ट को नोडल अधिकारी बनाया गया है। यहां पर आइसोलेशन वार्ड भी बनाया गया है ताकि किसी भी मंकी पॉक्स के संदिग्ध को आइसोलेट किया जा सके।

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