लखनऊ
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मायावती के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि वो अपनी कमियां छिपाने के लिए आरोप लगा रही हैं। जिस समय गठबंधन टूटा मैं आजमगढ़ में था। मंच पर बसपा के नेता थे मैंने उनसे पूछा कि गठबंधन क्यों तोड़ा? मैं मीडिया को क्या जवाब दूंगा? अब वो अपनी कमियां छिपाने के लिए आरोप लगा रही हैं।
अखिलेश यादव मायावती के उन आरोपों का जवाब दे रहे थे जिसमें उन्होंने कहा था कि 2019 के लोकसभा चुनाव हारने के बाद सपा के नेताओं ने उनका फोन उठाना बंद कर दिया था। सपा के लोग हार से निराश थे। बसपा को 10 सीटें मिली थीं। मायावती ने ये दावा अपनी उस बुकलेट में किया था जो कि उपचुनाव और 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को बांटी जा रही थीं। 2019 के चुनाव में यूपी में सपा व बसपा ने गठबंधन में चुनाव लड़ा था जिसमें सपा को पांच और बसपा को 10 सीटें प्राप्त हुई थीं।
अखिलेश यादव ने भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि भाजपा ने यूपी को फर्जी एनकाउंटर की राजधानी बना दिया है। सुल्तानपुर डकैती कांड में मंगेश यादव को घर से उठाकर मार दिया गया। मंगेश की हत्या की गई है। एनकाउंटर के समय जो पुलिसकर्मी था वो चप्पल में था। यूपी में झूठे एनकाउंटर हो रहे हैं। अभी तक एनकाउंटर में सबसे ज्यादा पीडीए के लोग मारे गए हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मठाधीश और माफिया में ज्यादा फर्क नहीं होता है।
अयोध्या में जमीनों की लूट की
भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा ने अयोध्या में जमीनों की लूट की है। इसमें अधिकारी भी शामिल हैं। गरीबों की जमीन सस्ते दामों पर ली और फिर सर्किल रेट बढ़ा दिए। उन्होंने कहा कि अयोध्या को विश्वस्तर का शहर बनाया जाना चाहिए। इसके लिए दिमाग लगता है। जब हमारी सरकार आएगी तो अयोध्या को विश्वस्तर का शहर बनाएंगे। गरीबों को अगर सर्किल रेट बढ़ाकर दाम देना पड़ेगा तो देंगे।

More Stories
संगठन विस्तार में जुटी BJP: मंडल अध्यक्ष और जिला प्रतिनिधियों की नई सूची जारी, जानें किसे मिली जिम्मेदारी
रमजान में खूनी वारदात: सेहरी के वक्त मजाक पड़ा भारी, दोस्त ने दोस्त को मारी गोली
दिल्ली में नस्लीय टिप्पणी पर CM रेखा गुप्ता का कड़ा रुख, बोलीं- भेदभाव करने वालों को नहीं मिलेगी माफी