भोपाल
मध्य प्रदेश में अब उत्तर प्रदेश की तर्ज पर पुलिस भर्ती में अभ्यर्थियों का सत्यापन आधार के माध्यम से किया जाएगा। इसकी शुरूआत इसी वर्ष से पांच हजार पुलिस कर्मियों की भर्ती में चयनित हुए अभ्यर्थियों के सत्यापन से की जाएगी। उप्र में यह व्यवस्था पहले से हैं।
दरअसल, उत्तर प्रदेश में पुलिस भर्ती का पेपर लीक होने, अन्य व्यक्ति द्वारा परीक्षा देने आदि घटनाओं की रोकथाम के लिए आधार सत्यापन की प्रक्रिया अपनाई गई। इससे भर्ती प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी सामने नहीं आई है, इसलिए अब मप्र में भी यही प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
गृह विभाग ने जारी कर दी अधिसूचना
वहीं, भारत सरकार ने सभी राज्यों को आधार से भर्ती प्रक्रिया में सत्यापन की व्यवस्था लागू करने दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसके बाद मध्य प्रदेश में भर्ती प्रक्रिया में इस व्यवस्था को लागू करने के लिए गृह विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है।
बता दें कि प्रशिक्षु आईएएस पूजा खेड़कर के चयन में सामने आई गड़बड़ी के बाद केंद्र सरकार ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) में पंजीकरण, परीक्षाओं और भर्ती के विभिन्न चरणों के दौरान स्वैच्छिक आधार पर उम्मीदवारों की पहचान सत्यापित करने आधार से प्रमाणीकरण की व्यवस्था लागू कर दी।
ऐसी होगी व्यवस्था
मप्र में गैर राजपत्रित पदों पर व्यापम (कर्मचारी चयन मंडल) द्वारा भर्ती परीक्षा आयोजित की जाती है। इसके बाद संबंधित विभाग चयनित अभ्यर्थी का सत्यापन कर उनके भर्ती संबंधी दस्तावेजों का मैन्युअली जांच करता है। नई व्यवस्था होने से भर्ती परीक्षा में अभ्यर्थी आधार तो सत्यापन होगा ही साथ ही चयन के बाद अभ्यर्थी का आधार से सत्यापन किया जाएगा। इससे गड़बड़ी की आशंका नहीं होगी।
वन विभाग की भर्ती प्रक्रिया में नहीं आधार सत्यापन की व्यवस्था
मध्य प्रदेश में गृह विभाग ने पुलिस भर्ती परीक्षा में आधार सत्यापन की व्यवस्था लागू की है, लेकिन वन विभाग की भर्ती प्रक्रिया में यह व्यवस्था नहीं है। हालांकि अब वन सहित अन्य विभागों में भी गैर राजपत्रित पदों पर भर्ती किए जाने वाले पदों पर आधार सत्यापन की व्यवस्था लागू करने की तैयारी है।

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