नई दिल्ली
देश की इकोनॉमी के लिए आज एक बुरी खबर आई है। फिस्कल ईयर 2025 की पहली तिमाही में GDP की ग्रोथ घटकर 6.7 फीसदी पर आ गई है। यह आंकड़ा पिछली 5 तिमाहियों में सबसे कम है। तिमाहियों में सबसे कम हो गई है। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में GDP ग्रोथ 7.8 फीसदी थी।
भारत के सबसे अहम सेक्टर माने जाने वाला एग्रीकल्चर सेक्टर में बड़ी गिरावट आई है। अप्रैल-जून 2025 के बीच एग्रीकल्चर सेक्टर की ग्रोथ घटकर 2 फीसदी रही। जबकि फिस्कल ईयर 2024 की पहली तिमाही में यह 3.7 फीसदी थी।
पिछले तीन साल के GDP ग्रोथ के डेटा को देखा जाए तो वित्त वर्ष 2023-24 में 8.2%, FY22-23 में 7.2% और FY21-22- में 8.7% की GDP ग्रोथ देखने को मिली थी।
जुलाई में कोर सेक्टर ग्रोथ (Core Sector Growth) में भी गिरावट
कच्चे तेल और नेचुरल गैस के उत्पादन में गिरावट के कारण जुलाई में आठ प्रमुख बुनियादी उद्योगों (core infrastructure) की ग्रोथ रेट घटकर 6.1 प्रतिशत रह गई है। हालांकि, यह मासिक आधार पर जून के 5.1 प्रतिशत से ज्यादा रही है। आठ बुनियादी उद्योगों का औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) में वेटेज 40.27 प्रतिशत का है। बता दें कि IIP ओवरआल इंडस्ट्रियल ग्रोथ को मापता है। जुलाई में कच्चे तेल का उत्पादन 2.9% और नेचुरल गैस का उत्पादन 1.3% घटा।
चालू वित्त वर्ष (FY25) के पहले चार महीने (अप्रैल-जुलाई) में कोर इंफ्रास्ट्रक्चर का उत्पादन 6.1 प्रतिशत बढ़ा है, जबकि इससे पिछले वित्त वर्ष (FY25) की समान अवधि में यह 6.6 प्रतिशत की दर से बढ़ा था। जुलाई, 2023 में आठ बुनियादी उद्योगों- कोयला, कच्चा तेल, नेचुरल गैल, रिफाइनरी प्रोडक्ट, फर्टिलाइजर, स्टील, सीमेंट और बिजली (electricity) सेक्टर का उत्पादन 8.5 प्रतिशत की दर से बढ़ा था।

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