नई दिल्ली
देश में आज 95 प्रतिशत से अधिक गांवों में 3जी या 4जी मोबाइल कनेक्टिविटी के साथ इंटरनेट की पहुंच है। संचार मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष अप्रैल तक लगभग 6 लाख 44 हजार गांवों में से करीब 6 लाख 13 हजार गांवों में इंटरनेट सेवा पहुंची। इस बीच, भारत में कुल 95 करोड़ 44 लाख इंटरनेट सब्सक्राइबर्स में से 39 करोड़ 83 लाख से ज्यादा ग्रामीण इलाकों से हैं।
इसके अलावा, औसत इंटरनेट डाउनलोड स्पीड में भारत की रैंकिंग में 114 रैंक का सुधार हुआ है, जो 2014 में 130 से बढ़कर इस साल 16 हो गई है, औसत डाउनलोड स्पीड 105.85 मेगाबाइट प्रति सेकंड है।
सरकार ने कहा है कि पिछले 10 वर्षों में टेलीकॉम नेटवर्क का देश के सभी कोनों में विस्तार किया गया है। इसमें टियर 2 और टियर 3 शहरों के साथ देश के अंदरूनी इलाके भी शामिल हैं।
सरकार ने ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट ब्रॉडबैंड की सुविधा देने के लिए भारतनेट प्रोजेक्ट शुरू किया। इसका उद्देश्य देश की सभी ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर केबल से जोड़ना था।
सरकार ने बताया कि 2.2 लाख ग्राम पंचायतों में से 2.13 लाख ग्राम पंचायतों को भारतनेट से जोड़ा जा चुका है।
सरकार की ओर से अगस्त 2022 में बॉर्डर एरिया में मोबाइल टावर लगाने के नियमों में बदलाव कर दिया गया था, जिससे कि मोबाइल इंटरनेट सुविधा को ज्यादा लोगों तक पहुंचाया जा सके।

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