नई दिल्ली
कांग्रेस ने शुक्रवार को टेलिकॉम कंपनियों द्वारा बढ़ाए गए प्लान्स के दामों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने दावा किया है कि प्राइवेट टेलिकॉम कंपनियों ने वार्षिक शुल्क बढ़ाकर जनता की जेब से 34,834 करोड़ रुपये वसूले हैं। इसके अलावा, मोदी 3.0 में प्राइवेट टेलिकॉम कंपनियों की एक बार फिर से मुनाफाखोरी बढ़ने का आरोप लगाया। कांग्रेस ने सवाल किया है कि आखिर क्यों मोदी सरकार ने अपनी आंखें बंद कर रखी हैं?
कांग्रेस सांसद व महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि तीन जुलाई से देश की प्राइवेट सेलफोन कंपनियों यानी कि रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया ने एक साथ अपना टैरिफ औसतन 15 फीसदी बढ़ा दिया है। इन तीनों प्राइवेट कंपनियों का मार्केट शेयर 91.6 फीसदी है यानी कि 119 करोड़ यूजर्स में से 109 करोड़ यूजर्स इन्हीं तीन कंपनियों के हैं। कांग्रेस ने कहा कि 23 अप्रैल को पेश की गई ट्राई रिपोर्ट के अनुसार, देश में सेलफोन इस्तेमाल करने वाले प्रति ग्राहक से प्रतिमाह औसत कमाई 152 रुपये की है। तीन जुलाई से रिलायंस जियो ने अपने यूजर्स के लिए शुल्क 12 फीसदी से बढ़ाकर 27 फीसदी तक बढ़ा दिया। वहीं, एयरटेल ने भी 11 फीसदी से 21 फीसदी तक की वृद्धि की है। वोडाफोन इंडिया ने 10 फीसदी से 24 फीसदी तक कीमतें बढ़ा दीं। इससे साफ है कि कीमतें बढ़ाने की तारीख तीनों कंपनियों ने आपस में मिलकर तय की।
मोदी सरकार से सवाल करते हुए कांग्रेस ने कहा है कि बिना रेगुलेशन, नियम या निगरानी के बिना प्राइवेट कंपनियों को एकतरफा मर्जी व मनमानी से कीमतें बढ़ाने की अनुमति क्यों दी? क्या सरकार ने कीमतों में होने वाली वृद्धि को चुनाव पूरा होने तक रोक कर नहीं रखा था, ताकि उनसे अतिरिक्त वसूली के लिए जवाब न मांगा जाए? ऐसा कैसे हो सकता है कि सभी निजीी कंपनियां अपना औसत टैरिफ समान रूप से 15-16 फीसदी बढ़ाएं, जबकि उनकी प्रॉफिटेबिलिटी, निवेश, कैपेक्स की जरूरत अलग-अलग हैं। फिर भी मोदी सरकार ने इस पर अपनी आंखें क्यों मूंद रखी हैं।

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