Exposetodaynews:
करनाल
हरियाणा के सरकारी हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में पढ़ने वाले मेधावी छात्रों के लिए राहत भरी खबर है। शिक्षा निदेशालय ने उत्कृष्टता के लिए शिक्षा को प्रोत्साहन स्कालरशिप सत्र 2026-27 के तहत छात्रों का डाटा भरने के लिए 30 नवंबर तक वन स्कूल एप खोल दिया है।
इस संबंध में निदेशालय सेकेंडरी शिक्षा, पंचकूला की ओर से राज्य के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। यह पोर्टल ईईई स्कालरशिप राशि होती है, जो हर स्कूल के एक मेधावी छात्र व छात्रा को प्रोत्साहन के रूप में दी जाती है। विभाग की ओर से वन स्कूल एप पोर्टल को 30 नवंबर तक के लिए खोला गया है।
इस अवधि में सभी स्कूल मुखियाओं को अपने स्कूल के पात्र छात्रों का नाम, कक्षा, लिंग और पिछले साल का रिजल्ट सहित पूरा डाटा अपलोड करना होगा।
इसके बाद निदेशालय द्वारा डाटा का सत्यापन कर राशि सीधे छात्रों के खाते में ट्रांसफर की जाएगी। डीईओ रोहतास वर्मा ने बताया कि अगर किसी स्कूल के विद्यार्थियों का डाटा अपलोड करने के लिए रह गया है, उनसे जल्द से जल्द करवाया जाएगा।
क्या है ईईई स्कालरशिप योजना?
ईईई योजना के तहत कक्षा 9वीं से 12वीं में पढ़ने वाले उन विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति/प्रोत्साहन राशि दी जाती है, जो पिछली कक्षा में प्रथम स्थान पर रहे हों।
विभाग के नियम के अनुसार कक्षा 6छठी से 12वीं तक के प्रत्येक स्कूल में लड़कों और लड़कियों की श्रेणी से एक-एक विद्यार्थी को यह पुरस्कार दिया जाता है। यानी हर कक्षा से दो टॉपर, एक छात्र और एक छात्रा, इस योजना के पात्र बनते हैं। इसका उद्देश्य सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों में पढ़ाई के प्रति प्रतिस्पर्धा और उत्कृष्टता को बढ़ावा देना है।
पहले भी जारी हो चुके हैं निर्देश
निदेशालय ने अपने पत्र में हवाला दिया है कि इससे पहले 12 अक्टूबर को भी इस संबंध में सभी जिलों को पत्र लिखा गया था। लेकिन कई जिलों से अभी तक अपेक्षित डाटा नहीं आया है।
इसलिए निदेशालय को दोबारा रिमाइंडर जारी करना पड़ा है। पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि एलिजिबल स्टूडेंट्स का डाटा तैयार करके स्कीम के लाभार्थी मॉड्यूल में दर्ज किया जाए, ताकि समय पर छात्रवृत्ति प्रदान की जा सके।
निदेशालय की अधिकारियों को चेतावनी
निदेशालय ने जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने अधीन सभी खंड शिक्षा अधिकारियों और स्कूल प्राचार्यों से समन्वय बनाकर इस कार्य को तय समय में पूरा करवाएं। अगर किसी स्कूल की लापरवाही से कोई पात्र छात्र वंचित रह जाता है तो संबंधित स्कूल मुखिया की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
इस पत्र की एक प्रति उप-निदेशक, आईटी शाखा को भी आवश्यक कार्यवाही के लिए भेजी गई है, ताकि पोर्टल पर किसी तकनीकी बाधा को तुरंत दूर किया जा सके।

More Stories
Microsoft Layoffs: नौकरी जॉइन करने के 3 महीने बाद ही मिला कंपनी छोड़ने का ऑफर, भारतीय डेवलपर की बढ़ी चिंता
ITBP Recruitment 2026: हेड कांस्टेबल भर्ती के लिए आज आखिरी मौका, 12वीं पास को मिलेगी ₹81,100 तक सैलरी
JEE Main 2027: परीक्षा शहर चुनने के नियम बदले, अब स्थायी या वर्तमान पते वाले राज्य में मिलेगा विकल्प