रायपुर
टिकरापारा इलाके के काली नगर में किराए के मकान में रहने वाली युवती की क्षत-विक्षत स्थिति में शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। फिलहाल टिकरापारा पुलिस शव का पंचनामा करने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रथम दृष्टया हत्या का संदेह के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक महासमुंद निवासी बसंती यादव(30) एमएमआई अस्पताल में काम करती थी। वहीं तिल्दा का रहने वाला गोपी निषाद भी काम करता था। साथ में काम करते हुए दोनों के बीच प्रेम हो गया। इसके बाद दोनों एक साथ रहने लगे। बसंती के घर में मालूम था कि वह रायपुर में किसी युवक के साथ रहती थी। दोनों ने एक महीने पहले ही टिकरापारा का यह कमरा किराए में लिया था। गोपी ने कुछ दिन पहले अस्पताल का काम छोड़ दिया था और वह फिलहाल वह कोई काम नहीं कर रहा था।
मकान मालिक रघुराम साहू और पड़ोसियों ने पुलिस को बताया कि पहले तो दोनों अच्छे से रहते थे, लेकिन 15 दिन पहले गोपी शराब के नशे में बसंती से झगड़ा करने लगा था। उसने शराब पीने के लिए अपनी साइकिल बेच दी थी, फिर घर में रखा सिलेंडर भी बेच दिया था। दोनों के बीच विवाद बढ?े लगा था। पुलिस पूछताछ में गोपी ने बताया कि बसंती ने उसके सोए रहने के दौरान फांसी लगाई। वह यह देखकर डर गया। उसने रविवार को लाश नीचे उतारी। इसके बाद उसे समझ नहीं आ रहा था कि क्या करे। उसने दरवाजा ही नहीं खोला। फिर रात में थोड़ी देर कुछ खाने के लिए बाहर निकला और तुरंत वापस आकर दरवाजा बंद कर लिया। मकान में सार्वजनिक बाथरूम है, वह नहाने इसलिए नहीं गया कि कोई कमरे तक ना आ जाए या कमरे के अंदर देखने की कोशिश ना करे। दो दिन से वह नहीं नहाया।
दो दिन से जब बसंती नहीं दिखी और कमरे से बदबू आने लगी तो पड़ोसियों ने मकान मालिक और वहीं रहने वाले उसके बेटे को बताया। इन लोगों ने दरवाजा खुलवाया तो गोपी हाथ जोड़कर रोने लगा। मकान मालिक से बोलने लगा कि पुलिस को नहीं बुलाए। पुलिस ने बताया कि युवती की मौत 2 दिन पहले हो चुकी है। युवती के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया गया है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए हैं और आगे की कार्रवाई जारी है। वहीं युवती के परिजनों को भी सूचना दी गई। उनके बयान भी दर्ज किए जाएंगे। फिलहाल पुलिस यह नहीं बता रही है कि बसंती की हत्या गोपी ने की या उसने सही में फांसी लगाई है।

More Stories
बस्तर में सख्ती: हेलमेट नहीं तो पेट्रोल नहीं, पंप संचालकों को निर्देश
इंद्रावती नदी की बाढ़ का कहर, बस्तर में सैकड़ों एकड़ धान की फसल जलमग्न
बसों से बदलेगी शहरों की पब्लिक ट्रांसपोर्ट की तस्वीर, 240 बसों के संचालन के लिए बनी रणनीति