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लखनऊ
यूपी के दो दिवसीय दौरे पर आए भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने लोगों से आवाह्न किया है कि वह पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हुए 93.7 प्रतिशत मतदान का रिकॉर्ड तोड़ें। उन्होंने विपक्ष के आरोपों का करारा जवाब देते हुए कहा कि जिसे जिस दिशा से सूरज उगाना है, वह उगाए हम इस पर ध्यान नहीं देते। आज के युवा सबसे समझदार हैं, वह हर चीज समझते हैं। उन्होंने कहा कि यूपी में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में यहां के लोग यह रिकॉर्ड तोड़ कर जोश दिखाएं।
आरोपों से आयोग डरने वाला नहीं
राजधानी स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित मतदाता साक्षरता क्लब (ईएलसी) व ईसीआईनेट के क्षेत्रीय सम्मेलन में ज्ञानेश कुमार ने कहा कि चुनाव आयोग पूरी पारदर्शिता के साथ काम कर रहा है। कोई कुछ भी इल्जाम लगाए चुनाव आयोग उससे डरने व घबराने की बजाए उसे चुनौती के रूप में स्वीकार करता है और पूरी पारदर्शिता से काम करता है। उन्होंने कहा कि जिस तरह यह अटल सत्य है कि सूरज पूरब से ही निकलता है, वह उत्तर, दक्षिण या पश्चिम से नहीं निकलता, ठीक उसी तरह चुनाव आयोग पूरी तरह पारदर्शी है यह भी अटल सत्य है। उन्होंने 20 जिलों के शैक्षिक संस्थानों से आए शिक्षकों व छात्रों के साथ संवाद किया।
युवाओं से सीधे जुड़ेगा आयोग
राजनीतिक दलों की ओर से चुनाव को लेकर समय-समय पर उठाए जाने वाले सवालों के बीच आयोग युवाओं से सीधे जुड़ेगा। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में छात्रों व शिक्षकों से संवाद के दौरान कहा कि छात्र मतदाता साक्षरता क्लब व ईसीआईनेट प्लेटफॉर्म का उपयोग अधिक से अधिक युवा उठाएं। ईएलसी को स्कूलों, कॉलेजों में व्यवस्थित डिजिटल रूप में सक्षम प्लेटफॉर्म के रूप में पुन: तैयार किया जाएगा
एक ही वोटिंग लिस्ट से सभी चुनाव संभव नहीं
देश में एक ही मतदाता सूची से लोकसभा, विधानसभा, पंचायत और नगर निगम के चुनाव संभव नहीं हैं। भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को यह स्पष्ट किया कि संविधान के 73 वें संशोधन के तहत हर राज्य में राज्य निर्वाचन आयोग हैं जो पंचायत व नगर निगम चुनाव के लिए अपने नियम-कानून से मतदाता सूची बना सकता है। ऐसे में जब तक इसमें सरकार कोई बदलाव नहीं करती है तब तक चुनाव आयोग एक मतदाता सूची बनाकर चुनाव नहीं करा सकता।
लखनऊ के दो दिन के दौरे पर रहे CEC
यूपी के दो दिवसीय दौरे पर लखनऊ आए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में छात्रों व शिक्षकों से संवाद के दौरान उनके कई सवालों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि भारत में 97 करोड़ मतदाता हैं। करीब आठ से 10 प्रतिशत तक यानी आठ करोड़ नाम हर साल मतदाता सूची में बदलते हैं। करीब दो करोड़ लोगों की मृत्यु होती है। चार करोड़ युवा व अन्य नए मतदाता जुड़ते हैं और चार करोड़ ही लोग घर या निवास स्थान छोड़ कर दूसरी जगह चले जाते हैं। ऐसे में प्रति सेकेंड तीन वोटर बदल जाते हैं। सूची में गड़बड़ी रोकने के हर संभव प्रयास किए जाते हैं पर अगर त्रुटि हो जाती है तो नागरिकों को भी चाहिए कि वे सूची व वोटर कार्ड की गड़बड़ी दूर कराएं।

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