मोहम्मद शमी की 2027 वर्ल्ड कप पर नजर, वापसी के लिए कर रहे तैयारी

नई दिल्ली
टीम इंड‍िया के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी भले ही इस समय टीम इंडिया की प्लान‍िंग और फ्यूचर प्लान‍िंग का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी की उम्मीद नहीं छोड़ी है. सितंबर में 36 साल के होने वाले शमी का टारगेट 2027 वनडे वर्ल्ड कप खेलना है. उनके बचपन के कोच मोहम्मद बदरुद्दीन ने खुलासा किया कि अनुभवी तेज गेंदबाज पूरी तरह इसे लेकर पॉज‍िट‍िव हैं और अगले घरेलू सीजन की तैयारी में जुटे हुए हैं

मोहम्मद शमी ने भारत के लिए आखिरी मुकाबला 2025 की चैम्प‍ियंस ट्रॉफी में खेला था. इसके बाद वह टीम से बाहर हैं. पूरी तरह फिट होने और घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बावजूद सेलेक्टर्स ने उन्हें लगातार नजरअंदाज किया है l  

चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर ने अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट से पहले कहा था कि उन्हें जो जानकारी है उसके अनुसार शमी फिलहाल सिर्फ टी20 क्रिकेट खेलने के लिए तैयार हैं. हालांकि शमी के घरेलू रिकॉर्ड इस आकलन से अलग तस्वीर पेश करते हैं l

पिछले रणजी ट्रॉफी सीजन में शमी ने सात मैचों में 37 विकेट झटके. इसके बाद विजय हजारे ट्रॉफी में भी सात मुकाबलों में 15 विकेट हासिल किए. बावजूद इसके उन्हें भारतीय टीम में जगह नहीं मिली.

5 किलो वजन घटाया, वापसी के लिए कर रहे कड़ी मेहनत
कोच मोहम्मद बदरुद्दीन ने 'इंडिया टुडे' से बातचीत में बताया कि शमी ने पिछले सीजन के बाद करीब पांच किलो वजन कम किया है और पहले से ज्यादा मेहनत कर रहे हैं l

उन्होंने कहा- शमी का मूड पूरी तरह पॉज‍िट‍िव है. वह अगले सीजन को लेकर काफी मोट‍िवेटेड हैं.बदरुद्दीन का मानना है कि भारत को शमी जैसे अनुभवी गेंदबाज को पूरी तरह नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. उनके अंदर अभी काफी क्रिकेट बाकी है. अगर देश को उनकी जरूरत होगी तो वह हमेशा तैयार रहेंगे l

युवा पेसरों पर भी उठाए सवाल
कोच ने कहा कि पिछले एक साल में भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण चोट और अस्थिर प्रदर्शन से जूझता रहा है. हर्षित राणा चोट के कारण बाहर हैं, जबकि इंग्लैंड दौरे पर गुरनूर बरार का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा. बदरुद्दीन का मानना है कि इंग्लैंड और साउथ अफ्रीका जैसी परिस्थितियों में अनुभव की अहम भूमिका होती है. उन्होंने कहा कि इंग्लैंड में भारत की तेज गेंदबाजी उम्मीद के मुताबिक नहीं रही और शमी वहां काफी उपयोगी साबित हो सकते थे. उनके मुताबिक साउथ अफ्रीका में भी अनुभवी गेंदबाजों की जरूरत होगी l

फिटनेस मॉडल पर भी उठाए सवाल
बदरुद्दीन ने भारतीय तेज गेंदबाजों की फिटनेस तैयारियों पर भी सवाल उठाए. उनका कहना है कि केवल जिम में मेहनत करने से काम नहीं चलेगा. उन्होंने कहा- तेज गेंदबाजों के लिए मैदान पर दौड़ना, स्प्रिंट करना और स्टैमिना बनाना ज्यादा जरूरी है. जिम से शरीर की शेप बन सकती है, लेकिन स्टैमिना नहीं l

उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय तेज गेंदबाजों को पर्याप्त आराम नहीं मिल रहा है. उनके मुताबिक लगातार क्रिकेट खेलने के कारण गेंदबाजों को रिकवरी का समय नहीं मिल पाता l

साउथ अफ्रीका में शानदार रिकॉर्ड
अगर भारत 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए अनुभवी तेज गेंदबाजों पर विचार करता है तो शमी का रिकॉर्ड उनके पक्ष में जाता है. साउथ अफ्रीका में उनके नाम 11 इंटरनेशनल मैचों में 44 विकेट हैं और उनका एवरेज 22.68 का है. अब देखना होगा कि चयनकर्ता उन्हें एक और मौका देते हैं या नहीं. लेकिन घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छे प्रदर्शन और अनुभव के दम पर मोहम्मद शमी ने अपनी दावेदारी अभी भी बरकरार रखी हैl