नई दिल्ली.
जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के एक्स अकाउंट से वीडियो के साथ एक विवादास्पद ट्वीट किया गया है, जिसमें 1971 में पूर्वी पाकिस्तान के अलग होने के बारे में बताया गया है। मुख्य आरोप है कि वीडियो का उद्देश्य राज्य और उसके संस्थानों के खिलाफ सार्वजनिक आंदोलन को उकसाना, संभावित रूप से जनता के बीच भय और अशांति फैलाना था। इस मामले में संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) ने खान और उनकी पार्टी के तीन नेताओं के खिलाफ जांच शुरू कर दी है।
जेल में बंद होने के बाद से पूर्व प्रधानमंत्री इमरान के एक्स अकाउंट को उनकी सोशल मीडिया टीम द्वारा प्रबंधित किया जा रहा है। 26 मई को उनके हवाले से एक्स पर एक उदाहरण के साथ वीडियो साझा किया गया, जिसमें कहा गया कि प्रत्येक पाकिस्तानी को हमूदुर रहमान आयोग की रिपोर्ट का अध्ययन करना चाहिए। जानना चाहिए कि जनरल याह्या खान और शेख मुजीबुर रहमान में से सच्चा गद्दार कौन था।
वीडियो में गृहयुद्ध के दौरान सेना के अत्याचारों का जिक्र
वीडियो में गृहयुद्ध के दौरान पाकिस्तानी सेना द्वारा किए गए कथित अत्याचारों का जिक्र किया गया है। साथ ही तर्क दिया है कि पूर्व सैन्य तानाशाह याह्या खान देश के टूटने के लिए जिम्मेदार थे। इस पोस्ट के बाद तीखी बहस हुई। मंत्रियों ने पाकिस्तान-तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) संस्थापक खान की तुलना शेख मजीब से की और सेना के खिलाफ नफरत की कहानी को बढ़ावा देने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
खान से पूछताछ के लिए अदियाला जेल पहुंची एफआईए
संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) ने इस मुद्दे पर इमरान खान को पहले ही नोटिस जारी कर दिया है। एफआईए की एक टीम खान से पूछताछ करने गुरुवार को अदियाला जेल भी गई, लेकिन उन्होंने यह कहते हुए मिलने से इनकार कर दिया कि वह केवल अपने वकीलों की उपस्थिति में ही जवाब देंगे। सूत्रों का कहना है कि एफआईए ने पीटीआई नेता उमर अयूब खान, बैरिस्टर गौहर अली खान और रऊफ हसन को भी मंगलवार को पूछताछ के लिए बुलाया। बता दें कि हमूदुर रहमान आयोग ने पूर्वी पाकिस्तान के पतन की जांच की। एक रिपोर्ट संकलित की जो आधिकारिक तौर पर जारी नहीं की गई थी।

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