भोपाल
उच्च शिक्षा विभाग में वर्तमान में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया जारी है। ऐसे में बी.ए., बी.कॉम. और बी.एससी. में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के लिए अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम (AEDP) रोजगारोन्मुखी उच्च शिक्षा का आकर्षक विकल्प बनकर सामने आया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप संचालित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को सामान्य स्नातक शिक्षा के साथ उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकसित करने का अवसर मिलता है। तीसरे वर्ष में विद्यार्थियों को कक्षा में पढ़ाई करने के बजाय उद्योगों में अप्रेंटिसशिप का अवसर मिलता है, जहां वे वास्तविक कार्यस्थल पर प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। इससे पढ़ाई पूरी होने तक वे उद्योगों की कार्यप्रणाली से परिचित हो जाते हैं और रोजगार के बेहतर अवसरों के लिए तैयार होते हैं।
2024 बैच की सफलता बनी नई प्रेरणा
AEDP की सफलता अब पहले ही बैच में दिखाई देने लगी है। वर्ष 2024 में इस कार्यक्रम में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थी अब दो वर्ष की पढ़ाई पूरी करने के बाद विभिन्न उद्योगों में अप्रेंटिसशिप के लिए चयनित किए जा रहे हैं। इससे यह स्पष्ट हो गया है कि यह कार्यक्रम केवल डिग्री प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान ही उद्योगों से जोड़कर उनके करियर की मजबूत नींव तैयार कर रहा है।
इसी का उदाहरण इंदौर में आयोजित चयन प्रक्रिया में देखने को मिला। इसमें शामिल 37 विद्यार्थियों में से 20 विद्यार्थियों को विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियों द्वारा अप्रेंटिसशिप के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया। यह परिणाम इस कार्यक्रम की प्रभावशीलता और उद्योगों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।
पढ़ाई के साथ उद्योगों का अनुभव
AEDP पारंपरिक स्नातक पाठ्यक्रमों से अलग है। पहले दो वर्षों में विद्यार्थियों को बी.ए., बी.कॉम. अथवा बी.एससी. की नियमित पढ़ाई के साथ-साथ संबंधित उद्योगों से जुड़े विषयों, तकनीकों और व्यावहारिक कौशल का प्रशिक्षण भी दिया जाता है। यानी प्रथम वर्ष से ही विद्यार्थियों का फोकस केवल डिग्री प्राप्त करने पर नहीं, बल्कि रोजगार के लिए आवश्यक कौशल विकसित करने पर भी रहता है।
तीसरे वर्ष में विद्यार्थियों को उनके विषय से संबंधित उद्योगों में अप्रेंटिसशिप के लिए भेजा जाता है। वहां वे अनुभवी विशेषज्ञों के साथ काम करते हुए वास्तविक कार्यस्थल का अनुभव प्राप्त करते हैं। अप्रेंटिसशिप के दौरान उन्हें नियमानुसार स्टाइपेंड भी मिलता है तथा उद्योग में उनके कार्य एवं प्रदर्शन के आधार पर अंतिम वर्ष का मूल्यांकन किया जाता है। इससे विद्यार्थियों को अलग से पारंपरिक पढ़ाई के बजाय व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से सीखने का अवसर मिलता है और स्नातक डिग्री के साथ उद्योगों का अनुभव भी प्राप्त होता है।
भर्ती अभियान में मिला उद्योगों का भरोसा
इंदौर में आयोजित भर्ती अभियान में लॉजिस्टिक्स एवं रिटेल क्षेत्र की अग्रणी कंपनियों—कैरीफास्ट लॉजिस्टिक्स, आपार लॉजिस्टिक्स, मोज़ेक ग्रुप और लोटस इलेक्ट्रॉनिक्स—ने सहभागिता की। इसमें पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, इंदौर तथा विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन के बी.कॉम. लॉजिस्टिक्स पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों ने साक्षात्कार दिए। कंपनियों ने एमआईएस ऑपरेटर, वेयरहाउस सुपरवाइजर, लॉजिस्टिक्स कोऑर्डिनेटर, बैक-एंड ऑपरेशंस एग्जीक्यूटिव और सप्लाई चेन सपोर्ट एसोसिएट जैसे पदों के लिए चयन प्रक्रिया आयोजित की। चयनित विद्यार्थियों को 10 हजार से 17 हजार रुपये प्रतिमाह तक स्टाइपेंड के साथ उद्योगों में कार्य करने और सीखने का अवसर मिलेगा।
भर्ती परिणामों में कैरीफास्ट लॉजिस्टिक्स ने सर्वाधिक 11 विद्यार्थियों को शॉर्टलिस्ट किया, जबकि मोज़ेक ग्रुप ने 7 और लोटस इलेक्ट्रॉनिक्स ने 4 विद्यार्थियों का चयन किया। इनमें से कुछ विद्यार्थियों को इंदौर तथा भोपाल स्थित इकाइयों में अप्रेंटिसशिप का अवसर मिलेगा।
साक्षात्कार के दौरान विद्यार्थियों ने तकनीकी दक्षता, आत्मविश्वास, समस्या समाधान क्षमता और व्यावसायिक समझ का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उद्योग प्रतिनिधियों ने लॉजिस्टिक्स संचालन, इन्वेंट्री प्रबंधन, डेटा विश्लेषण, कार्यस्थल संचार, माइक्रोसॉफ्ट एक्सेल, गूगल शीट्स, ईआरपी प्लेटफॉर्म तथा अन्य डिजिटल टूल्स पर विद्यार्थियों की दक्षता की सराहना की।
बढ़ रहा है विद्यार्थियों का रुझान
मध्यप्रदेश में शैक्षणिक सत्र 2024-25 के 963 विद्यार्थी वर्ष 2026 में अप्रेंटिसशिप के लिए पात्र हैं। वहीं, 2025-26 सत्र में AEDP के अंतर्गत 4,513 विद्यार्थियों ने विभिन्न सहभागी संस्थानों में प्रवेश लिया है, जो इस कार्यक्रम के प्रति विद्यार्थियों के बढ़ते विश्वास और रोजगारोन्मुखी शिक्षा की बढ़ती मांग को दर्शाता है।
पहले ही बैच की सफलता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम विद्यार्थियों को केवल स्नातक डिग्री ही नहीं, बल्कि उद्योगों का व्यावहारिक अनुभव, कौशल विकास और रोजगार के बेहतर अवसर भी उपलब्ध करा रहा है। यही कारण है कि वर्तमान प्रवेश सत्र में यह कार्यक्रम युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।

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