भोपाल
मध्य प्रदेश में 1 मई से जनगणना-2027 के 'हाउस लिस्टिंग' यानी मकानों की सूची बनाने का काम शुरू हो गया है। इस बार की जनगणना खास है क्योंकि यह पूरी तरह डिजिटल है। आपके घर पहुंचने वाले प्रगणक आपसे 33 मुख्य सवाल पूछेंगे। इसमें आपके मकान की स्थिति, दीवारों में इस्तेमाल सामग्री से लेकर घर में कौन सा अनाज खाया जाता है, इसकी जानकारी भी ली जाएगी।
इन चीजों का देना होगा ब्यौरा
पहले फेज में मुख्य रूप से सुविधाओं और संपत्तियों पर फोकस रहेगा:
घर की संपत्ति: गाड़ी, लैपटॉप, कंप्यूटर और इंटरनेट कनेक्शन।
मकान की बनावट: दीवार और छत की सामग्री।
खान-पान: परिवार में इस्तेमाल होने वाला मुख्य अनाज।
जातिगत गणना: ध्यान रहे कि जाति से जुड़े सवाल इस बार नहीं, बल्कि फरवरी 2027 में होने वाले दूसरे चरण में पूछे जाएंगे।
पूरी तरह गुप्त रहेगी जानकारी
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के जनगणना निदेशक कार्तिकेय गोयल ने स्पष्ट किया है कि लोगों को अपनी संपत्ति बताने में हिचकिचाना नहीं चाहिए।
गोपनीयता: आपकी दी गई जानकारी पूरी तरह गुप्त रहेगी और किसी भी एजेंसी के साथ साझा नहीं की जाएगी।
सरकारी लाभ: जनगणना का मकसद केवल विकास की योजनाएं बनाना है। इससे किसी के सरकारी लाभ या पात्रता पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
सुरक्षा: डेटा पूरी तरह 'एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड' है, यानी सर्वर तक पहुंचने के दौरान इसे कोई नहीं देख सकता।
यह देश की पहली डिजिटल जनगणना है और डेटा प्रोटेक्शन हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। लोग बेझिझक और सही जानकारी साझा करें। आपके सहयोग से ही बेहतर सरकारी नीतियां बन सकेंगी।
कार्तिकेय गोयल, निदेशक (जनगणना-2027, MP & CG)
1.5 लाख कर्मचारियों की फौज तैनात
इस महा-अभियान के लिए मध्य प्रदेश में करीब 1.5 लाख कर्मचारियों को लगाया गया है, जिनमें से ज्यादातर स्कूल शिक्षक हैं। हाउस लिस्टिंग का यह काम एक महीने के भीतर पूरा कर लिया जाएगा।

More Stories
भोपाल में आईपीएस अधिकारियों के तबादलों की झड़ी, कई जिलों के एसपी हुए बदल
आम मौसम नहीं रहेगा खास, हर दो दिन में बदलाव, आंधी, बारिश और गर्मी से फसलें प्रभावित
जबलपुर-इटारसी रेलवे की तीसरी लाइन को मिली हरी झंडी, दिल्ली तक फुल स्पीड में दौड़ेंगी ट्रेनें